यूजर्स क्यों कर रहे बबीता फोगाट के खिलाफ ये मांग?
एक विवादित बयान के बाद बबीता फोगाट का ट्विटर अकाउंट सस्पेंड करने की मांग कर रहे कई यूजर्स
बबीता के सपोर्ट में भारतीय रेसलर बजरंग पूनिया भी उतर आए।
कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीत चुकीं स्टार रेसलर बबीता फोगाट ने एक ऐसा बयान दे दिया कि लोग उनके ट्विटर अकांउट को ससपेंड करने की मांग कर रहे हैं।
दरअसल, उन्होंने जमातियों को लेकर ट्वीट किया था, इसके लिए सोशल वह ट्रोल हो गईं। जिसके बाद यह विवाद हो गया। हालांकि इससे पहले भी उन्होंने अपना एक विवादित ट्वीट डिलीट कर दिया था।
अर्जुन अवॉर्डी 30 साल की महिला रेसलर बबीता ने लिखा था,
'कोरोना वायरस भारत की दूसरे नंबर की सबसे बड़ी समस्या है। जमाती अभी भी पहले नंबर पर बना हुआ है।'
उनके इस ट्वीट के बाद कई लोगों ने इस पर विरोध दर्ज करना शुरु कर दिया। और वो लोगों के निशाने पर आ गईं। यहां तक कि लोगों ने उनका ट्विटर अकांउट ससपेंड करने की मांग कर डाली।
बता दें कि 2014 कॉमनवेल्थ गेम्स की गोल्ड मेडलिस्ट बबीता हाल में भाजपा में शामिल हो गई थीं, वे हरियाणा में बीजेपी के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ चुकी हैं जहां से वे हार गई थी। इसके साथ ही 2016 में बबीता और उनकी बड़ी बहन गीता फोगाट की जिंदगी पर आधारित फिल्म 'दंगल' रिलीज हुई थी।
बबीता के सपोर्ट में भारतीय रेसलर बजरंग पूनिया भी उतर आए। बजरंग ने लिखा, 'मिल्खा सिंह, मेरी कोम, पान सिंह तोमर, गीता और बबीता फोगाट, इन पर फिल्म इसलिए बनी क्योंकि वे इस योग्य थे। सरकार खिलाड़ी की आर्थिक स्थिति को सुधार रही है। खिलाड़ी देश के लिए संघर्ष कर रहे है, ओर आप क्या कर रहे हो।'
उल्लेखनीय है कि बबीता ने अपने एक और ट्वीट में ऐक्ट्रेस कंगना रनौत की बहन और उनकी मैनेजर रंगोली चंदेल का भी सपोर्ट किया था। ट्विटर ने इसके बाद उनका अकाउंट सस्पेंड कर दिया था। रंगोली ने जमातियों के बारे में विवादित लिखा था।
लेखक के बारे में
नवीन रांगियाल
नवीन रांगियाल DAVV Indore से जर्नलिज्म में मास्टर हैं। वे इंदौर, भोपाल, मुंबई, नागपुर और देवास आदि शहरों में दैनिक भास्कर, नईदुनिया, लोकमत और प्रजातंत्र जैसे राष्ट्रीय अखबारों में काम कर चुके हैं। करीब 15 साल प्रिंट मीडिया में काम करते हुए उन्हें फिल्ड रिपोर्टिंग का अच्छा-खासा अनुभव है।
उन्होंने अखबार....
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