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सबकुछ बदला, लेकिन दुनिया में कुछ चीजें सदियों से नहीं बदली हैं जैसे ये आदतें...

Habit of eating
कहते हैं कोरोना काल के बाद पूरी दुनिया में बहुत कुछ बदल गया है। कोरोना वायरस ने जीने के कई कॉन्‍सेप्‍ट में बदलाव ला दिए हैं, लेकिन क्‍या आप जानते हैं दुनिया में कुछ चीजें ऐसी हैं, जो न कोरोना के पहले बदली है और न ही इसके बाद।


यहां तक कि कुछ चीजें ऐसी हैं जो सदियों से एक जैसी हैं। चाहे भारत हो या जापान, चीन हो या ग्रीस, रोम हो या इजिप्‍ट। ये ऐसी चीजें हैं जो पूरी दुनिया के लोगों में एक जैसी, एक समान हैं। बावजूद इसके कि रंग, भाषा और कल्‍चर और आबोहवा अलग-अलग हैं।

आइए जानते हैं कुछ ऐसी ही मजेदार बातों या आदतों के बारे में जो पूरी दुनिया में, हर देश में एक जैसी हैं।

दुनिया में खाना खाने की आदत या तरीकों में कोई बदलाव नहीं आया है। आज भी दुनियाभर के लोग ठीक एक ही तरीके से खाना खाते हैं, इसमें किसी तरह का कोई अविष्‍कार नहीं हुआ है। न ही पानी पीने के तरीके में कोई बदलाव आया है।

ठीक इसी तरह टॉयलेट या बाथरूम जाने के तरीके पूरी दुनिया में एक जैसे हैं। इसके लिए अब तक कोई विकल्‍प नहीं बना है।

वहीं बात करें सोने की तो पूरी दुनिया के लोगों को सोने के लिए पलंग या बिस्‍तर पर ही जाना पड़ता है, सभी के सोने के तरीके भी एक से हैं। नींद की जगह अब तक कोई दूसरा ऑप्‍शन नहीं है।

बात करें महिला और पुरुषों के बीच शारीरिक संबंधों की तो इसमें भी लोगों की इच्‍छाएं और तरीके एक जैसे हैं। संबंध स्‍थापित करने के तरीकों में कोई बदलाव नहीं आए हैं।

बहुत दिलचस्‍प है कि पूरी दुनिया की महिलाएं गॉसिप करती हैं, लोगों में बुराई करने की आदत है। वहीं दुनिया के लगभग सभी देशों के लोग एक दूसरे से या अपने प्रति‍योगी से जलन की भावना भी रखते हैं।

सांस लेने के तरीके में अब तक कोई बदलाव नहीं है। शराब पीने के बाद बहकना या लड़खड़ाना पूरी दुनिया में एक जैसा है।

इतना ही नहीं, दुनिया में लोगों के रोने और हंसने का तरीका भी एक समान है।

तो यह कुछ ऐसी बातें हैं जो सारे देशों में एक जैसी हैं, हालांकि इनके तौर तरीकों में थोड़ा बहुत बदलाव हो सकता है, लेकि‍न बहुत मोटे तौर पर ये कुछ ऐसी बातें हैं जो दुनिया में एक जैसी हैं।
लेखक के बारे में
नवीन रांगियाल
नवीन रांगियाल DAVV Indore से जर्नलिज्‍म में मास्‍टर हैं। वे इंदौर, भोपाल, मुंबई, नागपुर और देवास आदि शहरों में दैनिक भास्‍कर, नईदुनिया, लोकमत और प्रजातंत्र जैसे राष्‍ट्रीय अखबारों में काम कर चुके हैं। करीब 15 साल प्रिंट मीडिया में काम करते हुए उन्‍हें फिल्‍ड रिपोर्टिंग का अच्‍छा-खासा अनुभव है। उन्‍होंने अखबार.... और पढ़ें
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