मीठा बचपन, गुलाबी हंसी, चहकती किलकारियां... ये मैं किसकी बात कर रही हूं, कौन सा जमाना था वो जब ये हमारी जिंदगी की खूबसूरती को बढ़ाने का अहम हिस्सा हुआ करती थी.. आसिफा, गुड़िया, फलक, ट्विंकल, कठुआ, अलीगढ़, उज्जैन... और निरंतर क्रंदन, कसक, कुत्सित कृत्य और समाज में जुड़ता काला...