sundarkand
✕

क्या वाकई फ़ोन को आसमान की ओर उठाने से सिग्नल मिल जाता है?

Updated: शुक्रवार, 29 दिसंबर 2017 (12:39 IST)
आधुनिक ज़िंदगी का अहम हिस्सा बन चुके मोबाइल फोन में अक्सर ही हम सिग्नल न मिलने की समस्या से जूझते हैं। ऐसे में अक्सर आपने लोगों को फोन पकड़ आसमान की ओर हाथ उठाए देखा होगा। इन्हें देखकर ऐसा लगता है मानो सिग्नल न मिलने पर ये भगवान से शिकायत कर रहे हों, इसके बावजूद नेटवर्क का डंडा तो अपनी मर्जी के हिसाब से ही वापस आता है। 
 
कभी आपने सोचा है कि फ़ोन को इस तरह आसमान की तरफ उठाने से क्या वाकई नेटवर्क मिल जाता है? इसका जवाब है नहीं। दरअसल मोबाइल फ़ोन के तरंग रूपी सिग्नल हमारे चारो ओर एक सामान रूप से फैले हुए होते हैं। ऐसे में फोन को थोड़ा ऊपर उठाने से आस-पास मौजूद तरंगों की गुणवत्ता में कोई ख़ास फर्क नहीं पड़ता है। शहरी क्षेत्रों में ऊंची इमारतों की वजह से इन तरंगों को हम तक पहुंचने में थोड़ी कठिनाई का सामना करना पड़ता है, जिसे हाथ ऊपर उठाकर नहीं सुधारा जा सकता। 
 
यदि आपको मोबाइल सिग्नल मिलने में समस्या आ रही है तो फ़ोन ऊपर उठाने की बजाए एक-दो बिल्डिंग आगे या पीछे चले जाएं, हो सकता है कि आपकी मौजूदा जगह पर मोबाइल सिग्नल की तरंगें किसी अवरोध की वजह से अच्छी तरह नहीं पहुंच पा रही हों। ऐसे में थोड़ा आगे या पीछे जाने से अवरोध की स्थिति ख़त्म हो जाएगी और आपके मोबाइल का नेटवर्क वाला डंडा पुनः जीवित हो उठेगा। 
 
पहाड़ी क्षेत्रों में सिग्नल न मिलने की समस्या से जूझते लोगों को ऊंचे इलाके में जाने की सलाह दी जाती है। ऐसे क्षेत्रों में यह तरीका कारगर भी होता है, लेकिन हाथ की ऊंचाई पर फोन उठाने का फायदा यहां भी नहीं मिलेगा। इसके लिए आपको थोड़ी मेहनत कर के किसी ऊंचे टीले या अन्य किसी ऊंची जगह पर जाना होगा। दरअसल पहाड़ी इलाकों में मोबाइल टावर पहाड़ के ऊंचे छोर में लगाए जाते हैं, जिससे ऊंचाई में स्थित दो टावर के बीच एक शैडो जोन बन जाता है जहां सिग्नल थोड़ा कमजोर होता है। ऐसे में ऊंचाई पर जाकर आप इन शैडो जोन से बाहर आ सकते हैं।  
 
अगली बार जब भी आपके मोबाइल में सिग्नल न मिले तो हाथ उठाने की बजाए पैर उठाना, मतलब पैर उठाकर थोड़ा आगे या पीछे चले जाना। इससे आपके फ़ोन में सिग्नल और कलेजे में ठंडक आ जाएगी।

Show comments

ज्ञानेश तुरंत दें इस्तीफा...राहुल गांधी ने कहा- मोदी और शाह की भी जांच कराएंगे

CJP का चुनाव आयोग को 48 घंटे का अल्टीमेटम, कहा- ज्ञानेश नहीं हटे तो जंतर-मंतर 2.0 होगा

एक खून माफ होता तो... VIP प्रमुख मुकेश सहनी का CEC ज्ञानेश कुमार पर बेहद विवादित बयान

समस्तीपुर में भी जमुई जैसा हादसा, फोटो लेने रुकी लड़की के साथ मनचलों ने की बदसलूकी

त्योहारी सीजन से पहले महंगाई से बड़ी राहत: सरकार ने घटाया खाद्य तेलों पर आयात शुल्क, सस्ते होंगे सोयाबीन-पाम और सूरजमुखी तेल

सभी देखें

देश की राजनीति में बढ़ता मध्यप्रदेश का दबदबा, भाजपा ने चार नेताओं को सौंपी बड़े राज्यों की कमान

सीएम डॉ. मोहन ने देखीं मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के कार्यक्रम की तैयारियां, कहा- सरकार का ये कदम क्रांतिकारी

ज्ञानेश तुरंत दें इस्तीफा...राहुल गांधी ने कहा- मोदी और शाह की भी जांच कराएंगे

सूदखोर महिला से परेशान युवक ने लगाई फांसी, कर्ज लिया और चुका दिया, फिर क्‍यों ले ली खुद की जान?

यमुना एक्सप्रेस-वे पर जलकर खाक हुई बस का 6 राज्यों से कनेक्शन, छतरपुर से चल रहा था बस ट्रैवल्स का दफ्तर

अगला लेख