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Parenting Tips: बच्चे को ज्यादा देर तक डाइपर पहनाने से हो सकती है यह दिक्कत

जानिए बच्चे को कितनी देर डाइपर पहनाना है सेफ

Written By WD Feature Desk
Updated: बुधवार, 28 अगस्त 2024 (13:27 IST)
Parenting Tips

New Born Baby Care: आज कल मदर्स छोटे बच्चों को अक्सर हर घर में डाइपर पहनाती हैं। इससे मम्मियों को काफ़ी राहत मिल जाती है। ऐसे में कई बार मदर्स अपने बच्चे को पूरे दिन डाइपर पहनाकर रखती हैं, लेकिन यह तरीका बेहद गलत है।
आज इस आलेख में हम आपको बताते हैं कि बच्चे को कितनी देर तक डाइपर पहना सकते हैं? अगर उससे ज्यादा देर की तो बच्चे को क्या-क्या दिक्कतें हो सकती हैं?ALSO READ: शिशु के लिए जरूरी है Tummy Time, जानें इसे कराने के 3 आसान तरीके

बच्चे को कितनी देर पहनाना चाहिए डाइपर?
बच्चे को डाइपर पहनाने को लेकर यह सवाल लगभग हर मां के मन में होता है। वैसे तो बच्चों को गंदगी से बचाने के लिए डाइपर पहनाए जाते हैं, भले ही बच्चा एक दिन से छोटा क्यों न हो। यह भी गौर करने वाली बात है कि काफी डाइपर खासतौर पर बच्चों के लिए बनाए जाते हैं, लेकिन उन्हें लगातार पहनाने की सलाह कभी नहीं दी जाती है।
एक्सपर्ट्स के अनुसार बच्चों को एक डाइपर दो घंटे से ज्यादा देर तक नहीं पहनाना चाहिए, क्योंकि ज्यादा देर तक डाइपर पहनाने से बच्चे की स्किन को हवा नहीं मिल पाती है और उसे स्किन प्रॉब्लम हो सकती है।

बच्चे को क्या हो सकती है दिक्कत?
अगर आप बच्चे को देर तक डाइपर पहनाती हैं तो उन्हें स्किन रैशेज, दाने और खुजली आदि की दिक्कत हो सकती है। दरअसल, बच्चों की स्किन काफी सॉफ्ट होती है, जिसके चलते उन्हें डाइपर की वजह से स्किन संबंधित दिक्कतें जल्दी हो जाती हैं। अगर आप बच्चे को गंदगी से बचाने के लिए ज्यादा डाइपर पहनाती हैं तो हर थोड़ी-थोड़ी देर बाद डाइपर चेक करना चाहिए कि वह भर तो नहीं गया है।

बच्चे को खुला भी छोड़ें
अगर आप वर्किंग हैं और आपको बच्चे को पूरे दिन डाइपर पहनाना पड़ता है तो एक डाइपर को करीब दो घंटे बाद हर हाल में चेंज कर दें। दरअसल, डाइपर की वजह से एयर पास नहीं हो पाती, जिससे बच्चे की सॉफ्ट स्किन को हवा नहीं मिलती है। ऐसे में नया डाइपर पहनाने से बच्चे की स्किन को कोई दिक्कत नहीं होगी।
अगर आपके पास वक्त है तो डाइपर बदलने के बाद बच्चे को कुछ देर खुला छोड़ना चाहिए। इससे उसकी स्किन को राहत मिलेगी। अगर आप घर में हैं तो कपड़े की नैपी इस्तेमाल कर सकती हैं। ये डाइपर के मुकाबले कम नुकसान पहुंचाती हैं। हालांकि, ये नैपी सूती कपड़े की बनी होनी चाहिए।

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