Hanuman Chalisa

दुल्हन ने हेलीकॉप्टर से मंगल ग्रह मंदिर पर की पुष्प वर्षा

Updated: शुक्रवार, 10 फ़रवरी 2023 (15:03 IST)
Mangal dev mandir amalner: महाराष्ट्र के जलगांव जिले में अमलनेर में स्थित मंगल देव ग्रह मंदिर में मंगल देव की प्राचीन और जागृत मूर्ति है। वे भक्त जिनका व्यवसाय बालू, मिट्टी और कृषि से संबंधित है अर्थात बिल्डर, डेवलपर्स, किसान, खेतिहर मजदूर, दलाल, सिविल इंजीनियर, आर्किटेक्ट ये सभी श्री मंगल को आराध्य देवता मानते हैं। ये सभी यहां श्री मंगल देव ग्रह और भूमि माता की मूर्ति को बड़ी आस्था के साथ नमन करते हैं। पूजा और अभिषेक करते हैं।
 
श्री मंगलदेव ग्रह मंदिर अमलनेर शहर में प्रसिद्ध बिल्डर और डेवलपर सरजू सेट गोकलानी और उनके परिवार की मंदिर के प्रति अगाध श्रद्धा है। उनके बेटे आशीष, जो एक सिविल इंजीनियर हैं, उनकी कुछ दिनों पहले अहमदनगर की सिमरन से शादी तय हुई। 10 फरवरी को शादी होने से पहले अहमदनगर से शादी में शामिल होने के लिए हेलीकॉप्टर से पहुंची दुल्हन सिमरन ने मंगल ग्रह मंदिर पर पुष्प वर्षा कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद वह शादी के स्थल पर पहुंचीं।
यह कार्यक्रम पूर्व नियोजित होने की वजह से ये नजारा देखने के लिए मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। कई भक्त मंदिर से होकर जमीन पर गिरे फूलों को प्रसाद के रूप में स्वीकार कर अपने घर ले गए।
 
उल्लेखनीय है कि मंगल ग्रह देव के इस मंदिर में मंगलवार को लाखों भक्तों की भीड़ उमड़ती है। यहां मंगल दोष की शांति के लिए पूजा और अभिषेक किया जाता है। सुखी वैवाहिक जीवन की कामना और रोग निवारण की कामना से भी लोग यहां मंगल देव से आशीर्वाद लेने आते हैं।

Show comments

सभी देखें

गुप्त नवरात्रि में ये मंत्र जप लिया तो तुरंत ही दूर होंगे संकट और माता का मिलेगा आशीर्वाद

गुंडिचा मंदिर क्यों है जगन्नाथ रथयात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव? जानिए 5 खास बातें

भगवान जगन्नाथ की मौसी कौन हैं? जानिए रथयात्रा से जुड़ी यह रोचक परंपरा

गीता के छठे अध्याय के 10वें श्लोक की सही व्याख्या क्या है? मौलाना जरजिस अंसारी के दावे की पड़ताल

पुरी के जगन्नाथ मंदिर और रथयात्रा का इतिहास: कब, कैसे और क्यों हुई शुरुआत?

सभी देखें

Guru Purnima 2026: इन 5 गुरुओं की पूजा से मिलेगा ज्ञान, सुख और समृद्धि का आशीर्वाद

24 July Birthday: आपको 24 जुलाई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 24 जुलाई 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

Ashadha Purnima 2026: आषाढ़ी पूर्णिमा कब है, जानिए इस दिन का खास महत्व

अगला लेख