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महाभारत की 2 सबसे ज्यादा इमोशनल स्टोरी

शुक्रवार,मई 29, 2020
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कर्ण ने कृष्ण से पूछा - मेरा जन्म होते ही मेरी माँ ने मुझे त्याग दिया। क्या अवैध संतान होना मेरा दोष था ? द्रौपदी स्वयंवर में मेरा अपमान किया गया।
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महाभारत के युद्ध में 18 अक्षौहिणी सेना ने मिलकर युद्ध लड़ा था। एक अक्षौहिणी सेना में कितने हाथी, घोड़े, पैदल आदि होते हैं और कितने सैनिक होते हैं? इसके अलावा कौन कौन महारथी लड़े थे इस युद्ध में जानिए रोचक जानकारी।
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महाभारत युद्ध के दौरान कुरुक्षेत्र के विशालकाय मैदान में कौरव और पांडवों की सेना के शिविर कहां कहां लगे थे यह शोध का विषय हो सकता है। फिर भी विभिन्न स्रोतों से प्राप्त जानकारी यहां प्रस्तुत है।
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बीआर चौपड़ा की महाभारत के 13 मई 2020 के सुबह और शाम के 93 और 94वें एपिसोड में दुर्योधन वध और अश्वत्थामा को श्राप देने के बाद धृतराष्ट्र के पास विदुरजी मिलने जाते हैं। रोते हुए धृतराष्ट्र कहते हैं कि तब के गए अब आ रहे हो अनुज? निश्चय भी शोक प्रकट ...
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बीआर चौपड़ा की महाभारत के 12 मई 2020 के सुबह और शाम के 91 और 92वें एपिसोड में दुर्योधन द्वारा कर्ण का दाह संस्कार करने के बाद पांडव अपनी बची हुई सेना के साथ रणभूमि में पहुंचते हैं। युधिष्ठिर पूछते हैं कि यह तो बड़े आश्चर्य की बात है कौरव सेना आज ...
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बीआर चौपड़ा की महाभारत के 11 मई 2020 के सुबह और शाम के 89 और 90वें एपिसोड में karna vadh mahabharat बताया जाता है कि कर्ण द्वारा युद्ध में अर्जुन को छोड़ दिए जाने के बाद दुर्योधन, कर्ण और शकुनि में बहस होती है। कर्ण कहता है कि तुमने मेरी निष्ठा कर ...
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गांधारी भगवान शिव की परम भक्त थीं। शिव की तपस्या करके गांधारी ने भगवान शिव से यह वरदान पाया था कि वह जिस किसी को भी अपने नेत्रों की पट्टी खोलकर नग्नावस्था में देखेगी, उसका शरीर वज्र का हो जाएगा।
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भगवान कृष्ण हंसे और बोले- महामुनि! किसी को ज्ञान दिया जाए, समझाया-बुझाया और रास्ता दिखाया जाए तो भी वह विपरीत आचरण करे, तो इसमें ज्ञान देने वाले का क्या दोष? यदि मैं स्वयं ही सब कुछ कर लेता, तो संसार के इतने सारे लोगों की क्या आवश्यकता थी?
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बीआर चौपड़ा की महाभारत के 10 मई 2020 के सुबह और शाम के 87 और 88वें एपिसोड में बताया जाता है कि संजय से धृतराष्ट्र कहते हैं कि दुर्योधन ने बड़ी ही मूर्खता का प्रदर्शन किया है। उसने देवेंद्र की अचूक शक्ति को घटोत्कच पर चलवा दी। उसका प्रयोग तो वासुदेव ...
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महादेव उसकी तपस्या से प्रसन्न होकर उसे यह वर दिया कि वह अगले जन्म में भीष्म की मृत्यु का कारण बनेगी। यह वर पाकर अम्बा ने आत्म दाह कर लिया और अगले जन्म में राजा द्रुपद के घर में शिखण्डी के रूप में जन्म लिया।
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सत्यवती महाभारत की एक महत्वपूर्ण पात्र है। उसका विवाह हस्तिनापुरनरेश शान्तनु से हुआ। उसका मूल नाम 'मत्स्यगंधा' था। वह ब्रह्मा के शाप से मत्स्यभाव को प्राप्त हुई "अद्रिका" नाम की अप्सरा के गर्भ से उपरिचर वसु द्वारा उत्पन्न एक कन्या थी। इसका ही नाम ...
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बीआर चौपड़ा की महाभारत के 9 मई 2020 के सुबह और शाम के 85 और 86वें एपिसोड में बताया जाता है कि कुरुक्षेत्र के युद्ध में किस तरह जयद्रथ और घटोत्कच का वध होता है। इस एपिसोड में श्रीकृष्ण की नीति और चमत्कार देखने को मिलता है।
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निर्माता और निर्देशक रामानंद सागर के श्री कृष्णा धारावाहिक के 8 मई के छठवें एपिसोड ( Shree Krishna Episode 6 ) वसुदेव और देवकी को कारागार में बताया जाता है।
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जयद्रथ आदि सहित अभिमन्यु के वध से युद्ध के सभी नियम टूटने के बाद बीआर चौपड़ा की महाभारत के 8 मई 2020 के सुबह और शाम के 83 और 84वें एपिसोड में बताया जाता है कि किस तरह अभिमन्यु की हत्या के बाद अर्जुन जयद्रथ का सूर्यास्त से पहले वध करने की शपथ लेता है ...
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धृतराष्ट्र जन्म से ही अंधे थे अत: उनकी जगह पर पांडु को राजा बनाया गया। इससे धृतराष्ट्र को सदा अपनी नेत्रहीनता पर क्रोध आता और पांडु से द्वेष-भावना होने लगती। पांडु ने संपूर्ण भारतवर्ष को जीतकर कुरु राज्य की सीमाओं का यवनों के देश तक विस्तार कर दिया।
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बीआर चौपड़ा की महाभारत के 7 मई 2020 के सुबह और शाम के 81 और 82वें एपिसोड में यह बताता जाता है कि युधिष्ठिर को बंदी बनाने के लिए अर्जुन के सामने त्रिगत नरेशों को लगाया जाता है, लेकिन फिर भी द्रोणाचार्य असफल हो जाते हैं तब वे करते हैं चक्रव्यूह का ...
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महाभारत में जयद्रथ की कुरुक्षेत्र के युद्ध में अहम भूमिका थी। उसने कई ऐसे काम किए थे जिसके चलते उसका नाम आज तक लिया जाता है। आओ जानते हैं उसके संबंध में 6 खास बातें। jayadrath vadh.
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रामेश्वर कुण्ड, एक समय श्री कृष्ण इसी कुण्ड के उत्तरी तट पर गोपियों के साथ वृक्षों की छाया में बैठकर श्रीराधिका के साथ हास–परिहास कर रहे थे।
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एक दिन कुन्ती ने उस मंत्र की सत्यता की जाँच करने के लिये एकान्त स्थान पर बैठ कर उस मंत्र का जाप कर सूर्यदेव का स्मरण किया। उसी क्षण सूर्यदेव वहा प्रकट हो कर बोले, “देवी! मुझे बताओ कि तुम मुझ से किस वस्तु की अभिलाषा करती हो। मैं तुम्हारी अभिलाषा ...
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