दतिया में भाजपा की हार के बाद भी श्रेय की सियासत, उमा का दावा, मेरे एक वाक्य से मिले वोट, लोधी बाहुल्य बसई में पार्टी को मिली थी बढ़त
भोपाल। दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन अब हार के बाद भी दतिया के बसई इलाके में पार्टी की मिली बड़ी बढ़त पर अब श्रेय की सियासत शुरु हो गई है। पहले पार्टी विधायक प्रीतम लोधी के समर्थकों ने बसई इलाके में भाजपा की जीत का श्रेय लोधी समाज को दिया। वहीं अ्ब मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने इस बहस को हवा दे दी है।
दतिया विधानसभा को लेकर उमा भारती ने अपने ट्वीट में लिखा कि वह अपने समर्थकों से अनुरोध करेंगी कि वे यह अभिमान न पालें कि उनकी वजह से वोट बढ़े, क्योंकि आखिरकार भाजपा चुनाव हार गई, जिससे उन्हें भी गहरा आघात लगा। हालांकि, उन्होंने यह भी दावा किया कि वह चुनाव प्रचार में नहीं जा सकीं, लेकिन समर्थन में भेजा गया उनका एक संदेश घर-घर पहुंचाया गया और उससे वोट भी मिले।
उमा भारती ने अपने पोस्ट में लिखा कि "मैं तो दतिया उपचुनाव प्रचार में आ नहीं सकी, किंतु समर्थन में एक वाक्य मैंने भेजा, जो घर-घर पहुंचाया गया और वहां वोट भी मिले। आखिर हम सब किसी न किसी परीक्षा में फेल हो गए और हमें अपनी रणनीति की गहन समीक्षा करनी होगी।"
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उमा भारती के इस बयान को बसई क्षेत्र के लोधी मतदाताओं के समर्थन का श्रेय लेने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, उन्होंने साथ ही यह भी स्वीकार किया कि चुनाव में पार्टी की हार सामूहिक रणनीतिक विफलता का परिणाम है और इसकी समीक्षा जरूरी है।
गौरतलब है कि दतिया विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला बसई इलाका जिला मुख्यालय से करीब 80 किलोमीटर दूर है। उपचुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सभा लोधी बाहुल्य वाले बसई मे हुई थी। उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी जहां दतिया शहर से बुरी तरह हारे वहीं 80 किलोमीटर दूर बसई में करीब सा़ढ़े चार हजार वोटों से कांग्रेस प्रत्याशी पर बढ़त बनाई। जिसके बाद अब बसई को लेकर श्रेय की सियासत शुरु हो गई है।

