Kanwar Yatra : कांवड़ यात्रा में नमो भारत की बढ़ी डिमांड, गाजियाबाद समेत कई स्टेशनों पर 50% तक बढ़ी यात्रियों की संख्या
कांवड़ यात्रा के दौरान सड़क मार्गों पर भारी ट्रैफिक प्रतिबंध और जाम के बीच दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर लाखों यात्रियों के लिए सबसे भरोसेमंद परिवहन विकल्प बनकर उभरा है। तेज़, समयबद्ध और आरामदायक सफर के चलते कॉरिडोर के कई स्टेशनों पर यात्रियों की संख्या में 40 से 50 प्रतिशत तक बढ़ गई है।
सबसे अधिक वृद्धि गाज़ियाबाद नमो भारत स्टेशन पर देखने को मिली, जहां यात्री संख्या में 50 प्रतिशत से अधिक का इज़ाफ़ा हुआ है। यहां प्रतिदिन औसतन 15 से 20 हजार यात्री सफर कर रहे हैं। वहीं गुलधर, मुरादनगर और मोदीनगर स्टेशनों पर भी लगभग 40 प्रतिशत तक अधिक यात्री नमो भारत सेवा का लाभ उठा रहे हैं। मेरठ के ब्रह्मपुरी, मेरठ सेंट्रल और मेरठ नॉर्थ मेट्रो स्टेशनों पर भी यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इस दौरान गाज़ियाबाद, आनंद विहार और बेगमपुल स्टेशन पूरे कॉरिडोर के सबसे व्यस्त स्टेशन बने हुए हैं।
दरअसल, कांवड़ यात्रा के चलते शहरों के कई प्रमुख मार्ग आम यातायात के लिए बंद हैं, जिससे सड़क यात्रा बेहद कठिन और अनिश्चित हो गई है। ऐसे में बड़ी संख्या में लोग बसों और निजी वाहनों की बजाय नमो भारत को प्राथमिकता दे रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि नमो भारत थकान के बिना ट्रैफिक जाम से बचाते हुए निश्चित समय पर अपने गंतव्य तक पहुंच रही हैं।
इसी बढ़ती मांग के बीच 3 अगस्त 2026 को दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर ने नया रिकॉर्ड बनाया। श्रावण मास के पहले सोमवार को करीब 1.5 लाख यात्रियों ने सफर किया, जो अब तक की सर्वाधिक औसत दैनिक राइडरशिप है। इससे पहले 8 जून 2026 को लगभग 1.25 लाख यात्रियों की दैनिक राइडरशिप दर्ज की गई थी।
यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए एनसीआरटीसी ने पहले ही विशेष तैयारी कर ली थी। 30 जुलाई से 14 अगस्त 2026 तक प्रतिदिन 52 अतिरिक्त ट्रेन ट्रिप्स संचालित की जा रही हैं। इन अतिरिक्त सेवाओं के कारण सराय काले खां से मोदीपुरम तक पूरे कॉरिडोर पर यात्रियों को हर 8 मिनट में नमो भारत ट्रेन उपलब्ध हो रही है। आवश्यकता पड़ने पर ट्रेन सेवाओं को बढ़ाने की भी तैयारी है।
हालांकि प्रशासनिक निर्देशों के तहत कुछ स्टेशनों के चुनिंदा प्रवेश-निकास द्वार अस्थायी रूप से बंद किए गए हैं, लेकिन अन्य गेटों से यात्रियों का आवागमन सामान्य रूप से जारी है। कांवड़ यात्रा के दौरान नमो भारत ने न केवल लाखों श्रद्धालुओं और दैनिक यात्रियों को ट्रैफिक जाम से राहत दी है, बल्कि यह भी साबित किया है कि आधुनिक और तेज़ सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था आपात एवं विशेष परिस्थितियों में आमजन के लिए सबसे प्रभावी विकल्प बन सकती है।

