दतिया उपचुनाव के बाद कांग्रेस का बड़ा संगठनात्मक फैसला, 40 से अधिक विभाग और प्रकोष्ठ भंग
भोपाल। दतिया विधानसभा उपचुनाव के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस में बड़े संगठनात्मक बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पार्टी नेतृत्व ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अंतर्गत संचालित 40 से अधिक विभागों और प्रकोष्ठों को भंग कर दिया गया है। इनमें अल्पसंख्यक कांग्रेस, अनुसूचित जाति (एससी) कांग्रेस, आदिवासी कांग्रेस, मीडिया विभाग सहित कई अन्य विभाग शामिल हैं। अगले साल होने वाले नगरीय निकाय और 2028 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए नए नेतृत्व को अवसर देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
हालांकि, कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि पार्टी के फ्रंटलाइन संगठनात्मक ढांचे पर इसका असर नहीं पड़ेगा। जिला कांग्रेस कमेटियां, युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, सेवादल और एनएसयूआई जैसी प्रमुख इकाइयां पहले की तरह कार्य करती रहेंगी। पार्टी सूत्रों के अनुसार भंग किए गए अधिकांश विभागों और प्रकोष्ठों में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के कार्यकाल के दौरान नियुक्त पदाधिकारी कार्यरत थे।
पार्टी सूत्रों का यह भी कहना है कि आने वाले दिनों में प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी में भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। संभावना जताई जा रही है कि वर्तमान प्रदेश कार्यकारिणी को भी भंग कर नई कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा।
पहले विजयपुर और अब दतिया उपचुनाव के बाद कांग्रेस ने जिस तरह से जीत हासिल की है, उससे पार्टी कार्यकर्ताओं ने नया जोश दिखाई दे रहा है। ऐसे में पार्टी नेतृत्व अब विभिन्न सामाजिक वर्गों और क्षेत्रों से नए प्रतिनिधियों को जिम्मेदारी देकर संगठन में संतुलन बनाने की कोशिश कर सकता है।प्रदेश नेतृत्व अब संगठन में नए चेहरों को जिम्मेदारी देकर कार्यशैली और संगठनात्मक संरचना में बदलाव करना चाहता है। माना जा रहा है कि यह कदम प्रदेश कांग्रेस में नई टीम तैयार करने और 2028 के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर संगठन को अधिक सक्रिय बनाने की रणनीति का हिस्सा है।

