MP Politics : दतिया उपचुनाव में हार के बाद BJP का बड़ा एक्शन, पूरी जिला संगठन समिति भंग
मध्यप्रदेश में विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस के हाथों मिली हार के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने दतिया में बड़ा संगठनात्मक फैसला लिया है। उपचुनाव में हार के 24 घंटे के भीतर ही बीजेपी ने दतिया की पूरी जिला संगठन समिति को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया।
मध्य प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने दतिया विधानसभा उपचुनाव के नतीजों की समीक्षा के बाद यह कार्रवाई की। पार्टी के आदेश के मुताबिक दतिया जिले के सभी जिला पदाधिकारी, जिला कार्यकारिणी, मंडल इकाइयां, मोर्चे, प्रकोष्ठ, परियोजनाएं, विभाग और अन्य संगठनात्मक इकाइयों के पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से उनकी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया है।
CM मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई हाईलेवल बैठक
यह बड़ा फैसला मुख्यमंत्री मोहन यादव के सरकारी आवास पर हुई आपात उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद लिया गया। बैठक में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और चुनाव अभियान से जुड़े प्रमुख पदाधिकारी शामिल हुए। दतिया उपचुनाव में पार्टी की हार के कारणों और संगठन की भूमिका की समीक्षा के बाद पूरी जिला इकाई को भंग करने का निर्णय लिया गया।
BJP के मजबूत गढ़ में कांग्रेस की जीत
दतिया को बीजेपी का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। ऐसे में यहां उपचुनाव में कांग्रेस की जीत ने पार्टी को बड़ा झटका दिया है। कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने 6,016 वोटों से जीत दर्ज की। उन्हें कुल 66,757 वोट मिले, जबकि बीजेपी उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को 60,741 वोट हासिल हुए। वहीं आजाद समाज पार्टी के दामोदर यादव को 22,527 वोट मिले और उन्होंने मुकाबले को प्रभावित किया।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री @Hkhandelwal1964 जी के निर्देश अनुसार दतिया विधानसभा उप-चुनाव के परिणामों की समीक्षा के लिए गठित समिति की अनुशंसा के आधार पर भाजपा दतिया जिले की वर्तमान संगठनात्मक संरचना को तत्काल प्रभाव से भंग किया जाता है। pic.twitter.com/cJNmgXc0NO
— BJP Madhya Pradesh (@BJP4MP) August 4, 2026
टिकट वितरण को लेकर पहले से थी नाराजगी
दतिया में चुनाव से पहले ही बीजेपी के भीतर टिकट वितरण को लेकर असंतोष की चर्चा थी। पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिलने के बाद पार्टी के अंदर खींचतान की स्थिति बनी थी। हालांकि नरोत्तम मिश्रा ने सार्वजनिक रूप से पार्टी के उम्मीदवार का समर्थन किया और चुनाव प्रचार में भी सक्रिय रहे, लेकिन संगठन के भीतर मतभेद पूरी तरह खत्म नहीं हुए।
हार के बाद BJP प्रत्याशी ने लगाया अंदरघात का आरोप
चुनाव में हार के बाद बीजेपी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने पार्टी के अंदर ही कुछ लोगों पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के कुछ सदस्यों ने आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ काम किया, जिसका फायदा कांग्रेस को मिला। दतिया संगठन को भंग करने की कार्रवाई को पार्टी के भीतर जवाबदेही तय करने और हार के कारणों पर सख्त कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।

