Air India Flight Turbulence : Phuket-Delhi फ्लाइट में अचानक 300 फुट नीचे गिरा विमान, 14 यात्री और क्रू घायल, फ्लाइट में Seat Belt क्यों जरूरी है?
Air India Flight Turbulence : एयर इंडिया की Phuket से दिल्ली आ रही फ्लाइट में मंगलवार सुबह अचानक तेज टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा। इस दौरान विमान की ऊंचाई में करीब 300 फीट का अचानक बदलाव हुआ, जिससे विमान में सवार कुछ यात्रियों और क्रू मेंबर्स को चोटें आईं। एयर इंडिया की यह उड़ान AI 2379 थी और इसमें 134 यात्री सवार थे। विमान Airbus A320 था।
विमान ने टर्बुलेंस के बावजूद दिल्ली एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की। एयर इंडिया के अनुसार, विमान में सवार सभी यात्री और क्रू सदस्य सुरक्षित तरीके से उतर गए। घटना के बाद घायल यात्रियों और क्रू मेंबर्स को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
10 यात्री और 4 क्रू मेंबर अस्पताल भेजे गए
रिपोर्ट के मुताबिक, विमान के दिल्ली पहुंचने के बाद एयरपोर्ट पर मेडिकल टीम ने यात्रियों की जांच की। इसके बाद 10 यात्रियों और चार क्रू मेंबर्स समेत कुल 14 लोगों को आगे के इलाज के लिए गुरुग्राम स्थित Medanta Hospital और वसंत कुंज स्थित India Spinal Injury Centre ले जाया गया। एयर इंडिया ने कहा कि फिलहाल किसी गंभीर चोट की सूचना नहीं है। कुछ यात्रियों और क्रू मेंबर्स को मामूली चोटें आई थीं और एहतियात के तौर पर उनकी मेडिकल जांच कराई गई।
एयर इंडिया ने क्या कहा?
एयर इंडिया के प्रवक्ता ने बताया कि विमान ने क्रूज के दौरान कुछ समय के लिए टर्बुलेंस से जुड़ी स्थिति का सामना किया, जिसके कारण ऊंचाई में अचानक बदलाव हुआ। विमान ने दिल्ली में सुरक्षित लैंडिंग की और सभी यात्रियों तथा क्रू ने विमान से सुरक्षित रूप से बाहर निकल गए।
एयरलाइन के मुताबिक, मामूली चोटों वाले कुछ यात्रियों और क्रू मेंबर्स को एहतियाती जांच और इलाज के लिए एयरपोर्ट की मेडिकल सुविधा में ले जाया गया। एयर इंडिया ने कहा कि प्रभावित यात्रियों को हर जरूरी सहायता दी जा रही है और घटना की जांच में संबंधित अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग किया जा रहा है।
क्या होता है Clear Air Turbulence?
विमान में होने वाली टर्बुलेंस हमेशा बादलों या खराब मौसम की वजह से नहीं होती। Clear Air Turbulence (CAT) ऐसी स्थिति है जिसमें बिना दिखाई देने वाले बादलों वाले क्षेत्र में भी हवा के तेज बदलाव के कारण विमान को अचानक झटके लग सकते हैं। ऐसी टर्बुलेंस पायलट को सामान्य रूप से दिखाई नहीं देती, इसलिए इसका पहले से पता लगाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसी वजह से विमान यात्रा के दौरान यात्रियों को अपनी सीट बेल्ट बांधे रखने की सलाह दी जाती है।
फ्लाइट में Seat Belt क्यों जरूरी है?
टर्बुलेंस के दौरान विमान अचानक ऊपर-नीचे या आगे-पीछे झटके खा सकता है। ऐसे में सीट बेल्ट नहीं बांधने वाले यात्री अपनी सीट से उछल सकते हैं और उन्हें गंभीर चोट लगने का खतरा रहता है। इसलिए यात्रियों के लिए बेहतर है कि वे उड़ान के दौरान सीट बेल्ट ढीली लेकिन बंधी हुई रखें, खासकर जब वे अपनी सीट पर बैठे हों।
विमान सुरक्षित उतरा, जांच जारी
Air India AI 2379 ने घटना के बाद दिल्ली में सुरक्षित लैंडिंग की। एयरलाइन ने कहा है कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और घटना से प्रभावित लोगों को जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। मामले की जांच संबंधित अधिकारियों के साथ की जा रही है।

