दतिया उपचुनाव में वोटिंग से 24 घंटे पहले भी वोटर्स खमोश, कुशवाह और जाटव वोटर्स बनेगा गेमचेंजर!
दतिया विधानसभा उपचुनाव: ग्राउंड जीरो पर 'वेबदुनिया'
दतिया विधानसभा उपचुनाव में आज शाम चुनाव प्रचार थम जाएगा। वोटिंग के 48 घंटे से पहले विधानसभा का वोटर्स पूरी तरह खमोश है। विधानसभा के ग्रामीण और शहरी इलाकों का दौरा करने के बाद एक बात पूरी तरह साफ है कि चुनाव में कांग्रेस और भाजपा दोनों में साफ तौर पर भितरघात नजर आ रहा है। ALSO READ: दतिया उपचुनाव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुशवाहा समाज को साधा, बोले भाजपा ने कुशवाह समाज को दिया सम्मान
वहीं उपचुनाव में जीत-हार का गणित अब जातीय समीकरणों पर आकर पूरी तरह टिक गया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही सबसे प्रभावशाली कुशवाहा और जाटव वोट बैंक को अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं। दतिया विधानसभा में कुशवाहा समाज सबसे बड़ा गेमचेंजर माना जा रहा है दतिया के ठंडी सड़क पर फल का ठेला लगाने वाले कुशवाहा समाज से आने वाले हरिराम कुशवाह साफ कहते है कि कुशवाह समाज का 60 फीसदी वोटर्स जिस तरफ जाएगा, वह पार्टी जीत हासिल करेगी। कुशवाह वोटर्स इसलिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि विधानसभा क्षेत्र में लगभग 40 हजार कुशवाहा मतदाता चुनाव का रुख तय करने की स्थिति में हैं।
कुशवाहा वोटर्स को साधने के लिए सोमवार शाम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कुशवाहा समाज के सामाजिक सम्मेलन में शामिल हुए। इस सम्मेलन की अहमियत इससे समझी जा सकती है कि उपचुनाव में पहली बार मुख्यमंत्री किसी समाज के समाजिक सम्मेलन को संबोधित किया और भाजपा के पक्ष में मतदान की अपील की। ALSO READ: दतिया उपचुनाव में जीतू पटवारी ने लगाया गले तो आशुतोष तिवारी ने मंच से ही मांग लिए बीजेपी के लिए वोट
दतिया उपचुनाव में वार्ड-1 के भाजपा पार्षद रहे कल्लू कुशवाह की हत्या भी बड़ा चुनावी मुद्दा बनी हुई है।
वेबदुनिया से खास बातचीत में कल्लू कुशवाह के भाई शेरू कुशवाह ने भाजपा को अपना समर्थन देने का ऐलान किया। उनका कहना है कि वे अपने समाज से भाजपा के पक्ष में मतदान की अपील करेंगे।
भाजपा की रणनीति छोटे-छोटे सामाजिक सम्मेलनों और समाजवार बैठकों पर केंद्रित है। पार्टी आखिरी दौर में जाटव, अहिरवार, कुशवाह, लोधी, पाल, बघेल, रावत, यादव और सेन समाज के बीच अलग-अलग स्तर पर संपर्क अभियान चला रही है।
स्थानीय राजनीतिक विश्लेषण के अनुसार जाटव और अहिरवार समाज के एक हिस्से का झुकाव अब भी कांग्रेस की ओर माना जा रहा है। वहीं कुशवाह, बघेल और यादव समाज के कुछ वर्गों में भी स्थानीय राजनीतिक कारणों से नाराजगी की चर्चा है। ऐसे में भाजपा इन वर्गों के प्रभावशाली नेताओं के माध्यम से संवाद बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
दतिया विधानसभा में सोमवार रात मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के रोड शो के दौरान वेबदुनिया ने शहर के लोगों से जब बात की तो नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटना और भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी के बाहरी होने का मुद्दा भी चुनाव में खासा दिखाई दिया।

