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Last Updated :श्योपुर , शनिवार, 8 नवंबर 2025 (14:40 IST)

श्योपुर के स्कूल में रद्दी कागज पर मिड डे मील, वायरल वीडियो पर बवाल

mid day meal viral video
Mid Day Meal news in hindi : मध्यप्रदेश के श्योपुर में एक सरकार स्कूल में बच्चों को रद्दी कागज पर मिड डे मील परोसा गया। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल होते ही हड़कंप मच गया। कांग्रेस ने इस मामले में मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार को घेरा है। सरकार ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए जिम्मेदार शिक्षक को सस्पैंड कर दिया।
 
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो गया जिसमें नौनिहालों को रद्दी कागज के टुकड़ों पर खाना परोसा जा रहा था, जबकि वे जमीन पर बैठकर भोजन कर रहे थे। बच्चों के पोषण और सम्मान के लिए चलाई जाने वाली इस योजना में उन्हें रद्दी कागज पर खाना परोसे जाने पर लोगों ने जमकर सवाल उठाए। वीडियो देख कई लोगों ने कहा कि बच्चों के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है, जैसा कि आम तौर पर जेलों में भी कैदियों के साथ नहीं किया जाता।
  
कांग्रेस ने भी सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूल में बच्चों को रद्दी कागज पर मिड-डे मील परोसा गया। मध्य प्रदेश में पिछले 20 साल से BJP की सरकार है और बच्चे रद्दी कागज पर खाना खाने को मजबूर हैं। ये है चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था' की सच्चाई।
 
पार्टी ने कहा कि नरेंद्र मोदी और उनकी पार्टी के नेता खुद तो मौज उड़ा रहे हैं और देश के भविष्य को रद्दी कागज पर खाना खिला रहे हैं। सवाल है- क्या भाजपा नेताओं के बच्चे ऐसे खाना खाएंगे?

राहुल गांधी ने भी एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, आज मध्य प्रदेश जा रहा हूं। और जब से ये खबर देखी है कि वहां बच्चों को मिड-डे मील अख़बार पर परोसा जा रहा है, दिल टूट सा गया है। ये वही मासूम बच्चे हैं जिनके सपनों पर देश का भविष्य टिका है, और उन्हें इज़्ज़त की थाली तक नसीब नहीं। 20 साल से ज्यादा की BJP सरकार, और बच्चों की थाली तक चुरा ली गई - इनका 'विकास' बस छलावा है, सरकार में आने का असली राज़ तो 'व्यवस्था' है। शर्म आनी चाहिए ऐसे मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को जो देश के बच्चों, भारत के भविष्य का इस दुर्दशा से पालन-पोषण कर रहे हैं।

श्योपुर कलेक्टर अर्पित वर्मा ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को जांच के आदेश दिए। प्राथमिक जांच में यह पुष्टि हुई कि मध्यान्ह भोजन वितरण में भारी लापरवाही की गई थी।

इस पर कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से स्कूल के शिक्षक को निलंबित कर दिया। भोजन वितरण की जिम्मेदारी संभालने वाले संतोषी स्व सहायता समूह का ठेका भी निरस्त कर दिया गया। सभी स्कूलों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि बच्चों को साफ-सुथरे बर्तनों में ही भोजन परोसा जाए। 
edited by : Nrapendra Gupta