किसानों ने 2 घंटे इंदौर-उज्जैन मार्ग जाम किया

पुनः संशोधित मंगलवार, 6 जून 2017 (22:10 IST)
इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर शहर के सांवेर में मंगलवार को प्रदर्शनकारी किसानों ने को लगभग दो घंटे तक अवरुद्ध कर दिया। इसकी वजह से दो किलोमीटर से भी लंबा जाम लग गया। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर जाम खुलवाया।






पुलिस सूत्रों ने बताया सांवेर रोड स्थित भुट्टा चौराहा पर शाम पांच से छह बजे के बीच तराना के दुग्ध उत्पादकों के दूध वाहनों को प्रदर्शनकारी किसानों ने रोक लिया। इसके बाद मौके पर पहुंचे पुलिसबल और आक्रोशित किसानों के बीच वाहनों को छोड़ने की बात को लेकर विवाद की स्थति बन गई। विवाद बढ़ने पर आक्रोशित किसानों ने बीच सड़क पर दुग्ध वाहनों को खड़ा कर इंदौर-उज्जैन मार्ग अवरुद्ध कर दिया। इस दौरान लगभग दो घंटे तक मार्ग बाधित रहा। इसके कारण दोनों ओर दो किलोमीटर से अधिक लंबा जाम लग गया।





बातचीत के बीच आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने वाहनों में रखा दूध बहाने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर किसानों को तितर-बितर कर अवरुद्ध मार्ग को खोल दिया। मार्ग खुलने के बाद दूध वाहनों को पुलिस सुरक्षा में इंदौर शहर की ओर लाया जा रहा है।



फसलों, फल, सब्जियों और दूध के वाजिब दाम सहित 20 सूत्रीय मांगों को लेकर किसानों ने एक जून से 10 जून तक विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है। इसके चलते आज छठवें दिन भी किसानों का इंदौर में विरोध प्रर्दशन जारी रहा।

सीहोर में किसानों ने किया कलेक्टोरेट का घेराव : मध्यप्रदेश के सीहोर जिला मुख्यलय में के तहत मंगलवार को कांग्रेस विधायक के साथ किसानों ने कलेक्टोरेट का घेराव किया। श्यामपुर में किसानों ने सब्जियां फेंककर विरोध जताया। जिला मुख्यालय पर इछावर विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस विधायक शैलेन्द्र पटेल के साथ किसानों ने कलेक्टोरेट का घेराव किया।

आंदोलन को देखते हुए कलेक्टोरेट पूरी तरह से छावनी बन गया था। दोपहर करीब एक बजे पटेल के नेतृत्व में अनेक किसानों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम ज्ञापन सौंपा। किसानों की तरफ से विधायक ने छह सूत्रीय मांगों में किसानों के संपूर्ण कर्ज माफ करने, किसानों के फसल के उचित मूल्य निर्धारित करने सहित प्रदर्शन के दौरान किसानों पर दर्ज प्रकरण तत्काल वापस लेने की मांग की।

इधर, किसानों ने श्यामपुर में अपने साथ घरों से लाए लौकी, प्याज को भोपाल-राजगढ़ हाईवे पर फेंककर अपना विरोध दर्ज कराया। इसके साथ ही बस स्टैंड सहित क्षेत्र की समूची दुकानों को बंद करा दिया। इसके बाद किसानों ने अपनी मांगों को लेकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। जिले के नसरुल्लागंज में भी किसानों के समर्थन में आंशिक बंद रहा। भारतीय राष्ट्रीय मजदूर किसान संघ के व्यापारियों ने दुकानें बंद रखने का आह्वान किया था।



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