मध्यप्रदेश में 3 पुलिसकर्मियों की हत्या, परिजनों को 1 करोड़ की आर्थिक सहायता

विकास सिंह| Last Updated: शनिवार, 14 मई 2022 (10:27 IST)
भोपाल। मध्यप्रदेश के गुना जिले में पुलिस और शिकारियों के बीच मुठभेड़ में तीन हो गई है। बताया‌ जा रहा है बदमाश काले हिरण का शिकार करके जा रहे थे, जिस पर पुलिस की‌‌ टीम ने उनको रोका, जिस पर बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। सरकार ने गुना में शहीद तीनों पुलिस कर्मियों को परिजनों को 1-1 करोड़ की आर्थिक सहायता का एलान किया।

गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के अनुसार देर रात गुना के आरोन थाना क्षेत्र में सात-आठ बदमाशों और पुलिस के बीच सीधी मुठभेड़ हुई जिसमें पुलिस के 3 जवानों की मौके पर मौत हो गई है। गृहमंत्री के‌ मुताबिक मुठभेड़ में एसआई राजकुमार जाटव, आरक्षक नीरज भार्गव और संतराम की‌ मौत हुई है।

गृहमंत्री ने कहा कि वह लगातार जिले के वरिष्ठ पुलिस कर्मियों से संपर्क में है। अपराधियों को छोड़ा नहीं जाएगा। सख्त से सख्त कार्यवाही की जाएगी। वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान खुद इसकी मानिटरिंग कर रहे हैं।
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गुना जिले के आरोन थाना क्षेत्र ‌में 7-8 मोटरसाइकिल सवार बदमाशों की सूचना पुलिस को मिली थी। पुलिस ने बदमाशों को चारों तरफ से घेर लिया। जिस पर बदमाशों ने फायरिंग शुरु कर दी। जिसमें पुलिस परिवार के जाबांज एसआई राजकुमार जाटव, हवलदार नीलेश भार्गव और सिपाही संतराम जी की मौत हो गई है। घटना दुखद और हृदय विदारक है। जिले के पुलिस अधीक्षक और डीजीपी से घटना की जानकारी ली। अपराधियों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए है जो नजीर बने। - Dr.Narottam Mishra (@drnarottammisra) 14 May 2022
मुख्यमंत्री ‌ने पुलिस- शिकारियों के बीच भिडंत की दुर्भाग्यपूर्ण घटना को लेकर आपात उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है। बैठक में गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा, सीएस सहित गुना प्रशासन के बड़े अधिकारी बैठक से वर्चुअली जुड़ेंगे।
दिग्विजय ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, कल रात को गुना ज़िले के आरोन थाने में पुलिस इंस्पेक्टर जाटव, प्रधान आरक्षक भार्गव व आरक्षक मीना की हिरन के शिकारियों ने हत्या कर दी। मैं इसकी घोर निंदा करता हूं। पुलिस से अनुरोध करता हूं कि अपराधियों की जांच कर इन्हें कठोर से कठोर सजा दिलवाएं।
तीनों पुलिस कर्मी परिवारों को मेरी संवेदनाएं। इन तीनों पुलिस कर्मी परिवारों को पर्याप्त मुआवज़ा, उनके सेवा निवृत्त होने के समय तक पूरा वेतन उनके बच्चों के निःशुल्क शिक्षा व एक परिवार जन को शासकीय अनुकम्पा नियुक्ति तत्काल दें। हमारे गुना ज़िले के लिए शर्म की बात है।



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