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EVM पर दिग्विजय सिंह ने फिर उठाए सवाल, कहा सॉफ्टवेयर से तय होती है सरकार

Updated: बुधवार, 24 जनवरी 2024 (18:02 IST)
भोपाल। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एक बार फिर EVM की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए है। दिग्विजय सिंह बुधवार को भोपाल में अपने आवास पर प्रेस कॉफ्रेंस कर ईवीएम की खामियों का डेमो एक्सपर्ट के जरिए साझा किया। दिग्विजय सिंह ने कहा कि ईवीएम सॉफ्टवेयर आधारित है और सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ की जा सकती है।

मीडिया से बात करते हुए दिग्विजय सिंह ने एक्सपर्ट की मौजूदगी मेंं ईवीएम जैसी मशीन से लाईव डेमो दिखाया गया कि किस तरह न सिर्फ ईवीएम में गिने जाने वाले मतों बल्कि वीवीपेट से निकलने वाली पर्ची भी पूरी तरह विश्वसनीय नहीं है। ईवीएम का बटन दबाकर वोट डालने को कहा गया और फिर उन्हें दिखाया गया कि उन्होंने जिस चुनाव चिन्ह का बटन दबाया था वोट उस चुनाव चिन्ह को न मिलकर दूसरे चिन्ह को मिला।

दिग्विजय सिंह ने मीडिया के सामने ईवीएम एक्सपर्ट अतुल पटेल से पूरी मतदान प्रक्रिया का डेमो दिलाया। इस दौरान एक ईवीएम में 10 वोट डाले गए। चुनाव चिन्ह के तौर पर सेब, केला और तरबूज था। इस दौरान अधिकांश पत्रकारों ने केला चिन्ह पर वोट दिया, लेकिन नतीजे चौंकाने वाले थे। अंतिम नतीजे में सेब को ज्यादा मत प्राप्त हुए।
इस दौरान दिग्विजय सिंह ने कहा कि 140 करोड़ आबादी वाले देश में जहां 90 करोड़ मतदाता हैं तो क्या हम ऐसे लोगों के हाथ में ये सब तय करने का अधिकार दे दें? पूरी इलेक्शन प्रोसेस का मालिक न मतदाता है, न अधिकारी-कर्मचारी हैं। इसका मालिक सॉफ्टवेयर बनाने और सॉफ्टवेयर डालने वाला है। पहले कौन सा ईवीएम कौन से बूथ पर जाएगा ये कलेक्टर तय करते थे, अब ये रैंडमाईजेशन के नाम पर इलेक्शन कमिशन के सेंट्रल ऑफिस से लोड होता है। मशीन सॉफ्टवेयर की बात मानेगी ऑपरेट करने वाले की नहीं मानेगी।

पूर्व सीएम ने केंद्रीय निर्वाचन आयोग को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं है, दबाव में है। चुनाव आयोग से हम निष्पक्षता की उम्मीद करते हैं। लेकिन ईवीएम का सारा काम प्राइवेट लोगों के हाथ में है। जब सॉफ्टवेयर ही सब करता है तो वही सॉफ्टवेयर तय करेगा सरकार किसकी बनेगी। चुनाव आयोग ने खुद आरटीआई के जवाब में कहा है कि उनके पास कोई भी टेक्निकल टीम नहीं है।

दिग्विजय सिंह ने कहा कि आज विश्व के सिर्फ पांच देश में ईवीएम से वोटिंग होती है। इनमें भारत, ऑस्ट्रेलिया, नाइजीरिया, वेनेजुएला और ब्राजील शामिल है। ऑस्ट्रेलिया में जो सॉफ्टवेयर डाला जाता है वो ओपन है, जनता के बीच है। लेकिन भारत में चुनाव आयोग ने अब तक सॉफ्टवेयर पब्लिक नहीं किया है। उनका कहना है कि पब्लिक करने से इसका दुरुपयोग हो सकता है। ये तो और गंभीर विषय है। ऐसे कई प्रश्न है जो आज लोगों के दिमाग में है। सिंह ने कहा कि मैंने मुख्यमंत्री काल में टीएन सेशन साहब का जमाना देखा है। तब हम आयोग से डरते थे। आज आयोग निष्पक्ष नहीं है। हम लोग कुछ कह दें तो ईसीआई नोटिस दे देता है, मोदी कुछ भी बोलें उन्हें नोटिस नहीं मिलता।

कर्नाटक और हिमाचल में कांग्रेस सरकार बनने को लेकर दिग्विजय सिंह ने कहा कि अगर ये सब जगह मैनिपुलेशन करेंगे तो जनता को जल्दी समझ आ जाएगा। जहां इन्हें पता है कि भाजपा है ही नहीं वहां नहीं करेंगे। मध्य प्रदेश में सभी 230 सीटों पर इन्होंने ईवीएम में गड़बड़ी नहीं की। 120-130 सीटों पर की। 10 प्रतिशत वोट का स्विंग किया, इसलिए हम कुछ सीटें 60-70 हजार वोट से हारे हैं। सिंह ने ये भी कहा कि भाजपा नेता लालकृष्ण आडवानी भी ईवीएम पर सवाल उठा चुके हैं।
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