आयुर्वेदिक औषधियों के उत्पादन लिए मध्यप्रदेश में देवारण्य योजना होगी लॉन्च,वेलनेस टूरिज्म से मिलेगा रोजगार

विशेष प्रतिनिधि| पुनः संशोधित मंगलवार, 27 जुलाई 2021 (16:39 IST)
भोपाल। देश में आयुष के क्षेत्र में अवसरों को और बढ़ाने के लिए अब मध्य प्रदेश सरकार भी आगे आई है। मध्य प्रदेश में अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आयुष आधारित आर्थिक उन्नयन योजना ‘देवारण्य’ के माध्यम से आयुष औषधियों के उत्पादन की एक पूरी वैल्यू चेन को मध्य प्रदेश में विकसित किया जाएगा। इंदौर और भोपाल में आयुष सुपर स्पेशिलिटी अस्पतालों का निर्माण हो रहा है, प्रदेश में 360 से अधिक नए आयुष हेल्थ और वेलनेस सेंटर्स की स्थापना की जा रही है। इससे मध्य प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार का सृजन होगा।



भोपाल में आयोजित कार्यशाला में मुख्यमंत्री ने कहा है कि “योग और आयुर्वेद के लिए भारत दुनियाभर में जाना जाता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से आज दुनिया के 180 देशों में योग को अपनाया गया है। आयुर्वेद देश एवं दुनिया के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत उपयोगी है। कोविड काल में प्रदेश में योग एवं आयुर्वेद के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों ने स्वास्थ्य लाभ लिया है। इसलिए आवश्यकता है कि आयुष औषधियों को और अधिक प्रोत्साहन दिया जाए। अधिक से अधिक लोगों को आयुर्वेद के माध्यम से स्वास्थ्य लाभ मिल सके तथा प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले हमारे भाई-बहनों को रोजगार एवं आजीविका मिल सके इसके उद्देश्य से ‘देवारण्य’ योजना बनाई गई है। इस योजना का तीव्र गति से क्रियान्वयन किया जाएगा।“

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि ‘हमारे वनों में जहां औषधियों का अमूल्य खजाना है, वहीं जनजातीय भाई-बहन इनका महत्व एवं उपयोग समझते हैं। हमें एक ओर हमारे इस औषधीय खजाने को संरक्षित एवं संवर्धित करना है तो वहीं जनजातीय वर्ग के इस पारंपरिक ज्ञान को आगे बढ़ाकर लोगों को स्वास्थ्य लाभ देना है। इसलिए हम मध्य प्रदेश में आयुष औषधियों को प्रोत्साहन देंगे और वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देंगे।

देवारण्य योजना के माध्यम से आयुष औषधियों के उत्पादन की एक पूरी वैल्यू चेन का विकास करेंगे।
इसमें कृषि उत्पादक संगठन, आयुष विभाग, वन विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, उद्यानिकी विभाग, पर्यटन विभाग, कृषि विभाग, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग एवं जनजातीय कार्य विभाग मिलकर मिशन मोड में कार्य करेंगे।

मध्य प्रदेश में वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देंगे- मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आगे कहा कि ‘मध्य प्रदेश में वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए गांवों की सुंदर वादियों में औषधीय पौधों की खेती की जाएगी। आयुष एवं पर्यटन को साथ-साथ लाया जाएगा।
इंदौर और भोपाल में आयुष सुपर स्पेशिलिटी अस्पतालों का निर्माण हो रहा है, प्रदेश में 360 से अधिक नए आयुष हेल्थ और वेलनेस सेंटर्स की स्थापना भी की जा रही है। इसके साथ प्रदेश के आयुर्वेदिक और यूनानी औषधालयों का उन्नयन किया जा रहा है। आयुष दवाओं के अनुसंधान और‍ विकास पर अधिक से अधिक जोर दिया जा रहा है।

डिमांड एवं सप्लाई चेन को मजबूत बनाएंगे-राज्य नीति एवं योजना आयोग के उपाध्यक्ष प्रो. सचिन चतुर्वेदी जी ने कहा कि ‘प्रदेश में अनुसूचित जनजातीय क्षेत्रों के निवासियों के रोजगार सृजन और आजीविका के संसाधनों को मजबूती प्रदान करने के लिए आयुष आधारित योजना बनाई गई है। इसके अंतर्गत औषधीय एवं सुगंधित पौधों तथा उनसे बनाई जाने वाली दवाओं की डिमांड एवं सप्लाई चेन को मजबूत बनाया जाएगा।‘

चीन के बाद सबसे बड़ा निर्माता भारत- भारत सरकार आयुष मंत्रालय के सचिव राजेश कोटेचा ने बैठक के दौरान कहा कि विश्व में आयुष दवाओं का बहुत बड़ा बाजार है। इस क्षेत्र में भारत चीन के बाद सबसे बड़ा निर्माता है। वर्तमान में इसके लिए कच्चे माल यानि औषधीय और सुगंधित पौधों की बहुत मांग है। उद्योगों ने इसका एडवांस ऑर्डर दिया हुआ है, जनजातियां यह जानती हैं कि इन पौधों का संरक्षण और उत्पादन कैसे बढ़ाया जाए।

बैठक में वितमंत्री जगदीश देवड़ा,उद्यानिकी मंत्री भारत सिंह कुशवाह, आयुष मंत्री रामकिशोर कांवरे समेत आयुष से जुड़े कई कंपनियों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।




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