suvichar

UCC: लोगों के सुझावों से बनेगी नीति, सीएम डॉ. मोहन बोले- बच्चों से लेकर बूढ़ों से ली जाए राय

समान नागरिक संहिता के बारे में 22 जून तक आमंत्रित हैं सुझाव

Updated: शनिवार, 13 जून 2026 (20:16 IST)
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 13 जून को समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code-UCC) जागरूकता अभियान को लेकर कलेक्टरों के साथ बैठक की। सीएम डॉ. यादव इस बैठक में वीसी के जरिये शामिल हुए। बैठक में उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता के संबंध में नीति निर्माण जनसामान्य के सुझावों के आधार पर किया जाएगा। बेहतर नीति निर्माण के लिए बेहतर जनभागीदारी आवश्यक है। प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक संख्या सुझाव आमंत्रित करने के लिए सभी जिलों में जागरूकता अभियान चलाया जाए। नगरीय क्षेत्रों के साथ-साथ ग्राम स्तर तक इस विषय पर बातचीत को प्रोत्साहित कर लोगों को अपना अभिमत देने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। 
 
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि नगरीय स्तर पर स्कूल-कॉलेजों में गतिविधियां संचालित कर तथा सामाजिक-व्यापारिक संस्थाओं, बार काउंसिल आदि में चर्चा के सत्र आयोजित कर जनसामान्य से अपनी राय प्रकट करने के लिए कहा जाए। शासकीय अधिकारी-कर्मचारी भी समान नागरिक संहिता के संबंध में भी अपने सुझाव दें। ग्राम स्तर पर रोजगार सहायक, पंचायत सचिव आदि इस विषय पर चर्चा को प्रोत्साहित करें, इस संबंध में विशेष ग्राम सभा की  बैठक भी आयोजित की जा सकती है। सभी जिला कलेक्टर इस गतिविधि को प्राथमिकता पर लें। 
 
वेबसाइट पर देना है सुझाव:सरल है प्रक्रिया
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समान नागरिक संहिता के बारे में 22 जून तक सुझाव आमंत्रित हैं। इसके लिए विशेष रूप से वेबसाइट ucc.mp.gov.in का विमोचन किया गया है। इस पर सुझाव देने की प्रक्रिया बहुत सरल है। वेबसाइट के फॉर्म में केवल नाम, लिंग, धर्म, संभाग, जिला, पता और मोबाइल नंबर अंकित करना है। कुल 12 प्रश्नों का उत्तर हां या ना में दिया जाना है। मोबाइल ओटीपी से सत्यापित करने से सुझाव जमा हो जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस संबंध में जिला स्तर संचालित गतिविधियों की जानकारी भी प्राप्त की।
 
जागरूकता बढ़ाना आवश्यक-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समान नागरिक संहिता के उद्देश्य और प्रक्रिया की जानकारी का विस्तार करने के लिए जनप्रतिनिधियों की भागीदारी को प्रोत्साहित करने की जरूरत बताई। उन्होंने स्व-सहायता समूहों, महिला मंडलों, सामाजिक संगठनों के माध्यम से जागरूकता बढ़ाने के निर्देश भी दिए। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में विभिन्न व्यक्तिगत तथा पारिवारिक विधियों के अंतर्गत विवाह, विवाह-विच्छेद, भरण-पोषण, उत्तराधिकार आदि विषयों से संबंधित पृथक-पृथक प्रावधानों का समग्र परीक्षण कर विधिक संरचना विकसित करने की आवश्यकता अनुभव की जा रही है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए राज्य शासन द्वारा विषय के विधिक, सामाजिक एवं प्रशासनिक पहलुओं का विस्तृत अध्ययन कर समान नागरिक संहिता के संबंध में अनुशंसाओं को प्रस्तुत करने के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। इस समिति द्वारा जिलों का भ्रमण कर लोगों को अपने सुझाव प्रेषित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
लेखक के बारे में
विकास सिंह
special correspondent.... और पढ़ें

TVS iQube MillionR Edition लॉन्च, 145 किमी रेंज और Type-C चार्जिंग समेत मिलेंगे ये फीचर्स, हासिल किया 10 लाख यूनिट का आंकड़ा, कीमत जानेंगे तो हो जाएंगे हैरान

नेपाल में बाढ़ से तबाही तो दिल्ली में H1N1 का कहर, मामलों की संख्या 3000 के करीब

कांवड़ यात्रा पर दिग्विजय सिंह के बयान से गरमाई सियासत, भाजपा ने बताया सनातन का अपमान, माफी की मांग

चीनी कैमरे ने रिकॉर्ड की Nepal की तबाही का भयावह दृश्‍य, जिस जगह टूटा था ग्लेशियर, वहां पहुंचा चीनी हेलीकॉप्टर

तिब्बत में टूटा ग्लेशियर का 'थूथन', नेपाल में हाहाकार, 30 फीट ऊंची प्रलयंकारी बाढ़ का खौफनाक सच

केरल में ओणम पर शराब बिक्री ने बनाया रिकॉर्ड, 8 दिनों में 771 करोड़ रुपए की बिक्री

Raksha Bandhan 2026 : बहनों के लिए फ्री बस सेवा, 1,200 रुपए तक प्रोत्साहन पाएंगे चालक-परिचालक

CM योगी का सख्त निर्देश- विकास परियोजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं, एक्सप्रेसवे से डिजिटल लाइब्रेरी तक काम समय पर पूरा करें

कक्षा 9 से 12 के छात्रों के लिए बड़ा बदलाव! योगी सरकार का APAAR ID पर फोकस, डिजिटल रिकॉर्ड से छात्रवृत्ति तक होंगे आसान

इंसानियत शर्मसार! नेपाल बाढ़ त्रासदी में दिखी हैवानियत, लाशों से गहने नोच रहे हैं नराधम

अगला लेख