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होली पर थमेंगे मध्यप्रदेश में 30 हजार बसों के पहिए!, 2 मार्च से बस ऑपरेटर्स जाएंगे हड़ताल पर

Updated: शनिवार, 28 फ़रवरी 2026 (12:10 IST)
अगर आप होली पर मध्यप्रदेश में बस से सफर करने का प्लान बना रहे है तो आपको सफर में कठिनाई होने के साथ महंगी कीमत चुकानी पड़ सकती है। इसका कारण 2 मार्च से मध्यप्रदेश में प्राइवेट बस ऑपरेटर्स की होने वाली अनिश्चितकालीन हड़ताल है।

प्रदेश के प्राइवेट बस ऑपरेटर सरकार की नई परिवहन नीति का विरोध कर रहे है और उनका दावा है कि नई परिवहन नीति में जिस पीपीपी मॉडल के आधार पर मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा शुरु होने जा रही है,उससे यात्री किराए में 30 से 35 फीसदी की बढ़ोत्तरी होगी और उनके व्यवसाय पर संकट आएगा। गौरतलब है कि प्रदेश में अभी करीब 30 हजार निजी बसों का संचालन विभिन्न रूटों पर होता है।

नई परिवहन नीति के विरोध में प्रदेश के प्राइवेस बस ऑपरेटरों ने होली से ठीक पहले 2 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। अगर बस ऑपरेर्स हड़ताल पर जाते है तो राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन ग्वालियर, जबलपुर समेत ग्रामीण अंचलों तक यात्री परिवहन बुरी तरह प्रभावित होगी। इससे होली पर सफर करने वाले लोगों को काफी कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है।

मध्य प्रदेश प्राइम रूट बस ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गोविंद शर्मा का कहना है कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा में प्राइवेट बसों को लीज पर लेने की बात की जा रही है, जिसमें लीज पर पैंसे चुकाने होंगे और हमे परमिट निरस्त होंगे। उन्होंने कहा कि  पिछले दिनों सागर में बस मालिकों और बस एसोसिएशन के पदाधिकारीयों की बैठक में 2 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया गया है।

शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक परिवहन व्यवस्था ठप होने का सीधा असर यात्रियों  पर पड़ेगा और उन्हें सफर के लिए प्राइवेट टैक्सियों या अन्य साधनों पर निर्भर होना पड़ेगा। हड़ताल के दौरान निजी वाहनों या टैक्सियों का किराया बढ़ने की भी संभावना जताई जा रही है।

त्यौहार के समय हड़ताल पर जाना गलत: मंत्री-वहीं मध्यप्रदेश के परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा नई परिवहन नीति को लेकर बस ऑपरेटर्स के बीच भ्रम की स्थिति है। उन्होंने कहा कि अभी सड़कों पर 22 साल पुरानी कंडम बसें चल रही है और ऐसे में हादसे भी हो रहे है।  ऐसे मे जो नई परिवहन नीति आ रही है, उससे कई विसंगतियों से मुक्ति मिलेगी।  बस ऑपरेटरों परमिटों को लेकर अनावश्यक काम्पटीशन और व्यवधान होता था, उससे मुक्ति मिलेगी। सुरक्षित रोड मिलेंगी, ग्रामीण क्षेत्रों से शहरी क्षेत्र में जाने सुविधाएं मिलेंगी।

परिवहन मंत्री ने कहा कि नई नीति में ड्राइवर उनका, बस उनकी, कंडक्टर उनका और रूट हम उनको देंगे। सरकार पैसा इकट्ठा करेगी, बीच में जो पैसा लीकेज होता था, चोरी होता था, उससे मुक्ति मिलेगी। ऐसे में यह सारी पारदर्शी व्यवस्था है। देश के अनेक राज्यों की सरकारी परिवहन सेवा का अध्ययन कर नई परिवहन नीति बनाई गई है। अगर बस ऑपरेटर्स के मन में कोई संशय है और कोई दिक्कत है तो उन्हें चर्चा करना चाहिए। त्यौहार के समय हड़ताल पर जाना उचित नहीं है।
लेखक के बारे में
भोपाल ब्यूरो
वेबदुनिया भोपाल ब्यूरो मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के साथ प्रदेश के विभिन्न जिलों की महत्वपूर्ण खबरों के प्रकाशन का प्रमुख केंद्र है। भोपाल ब्यूरो से प्रदेश की सियासत, अपराध, व्यापार, खेल,  धर्म-संस्कृति और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी खबरें सटीकता और निष्पक्षता के साथ प्रकाशित की जाती हैं।.... और पढ़ें

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