गुरुवार, 26 मार्च 2026
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  4. The issue of Adani Coalmines in Singrauli resonated in the Madhya Pradesh Assembly.
Last Updated : बुधवार, 25 फ़रवरी 2026 (19:19 IST)

मध्य प्रदेश विधानसभा में गूंजा अडानी कोल माइंस का मुद्दा, कांग्रेस बोली, काटे जा रहे जंगल, मास्टर प्लान पर भी घिरी सरकार

Madhya Pradesh Assembly
मध्यप्रदेश विधानसभा मे बुधवार को कार्यवाही के दौरान सदन में अडानी कोल माइंस और मास्टर प्लान का मुद्दा जोर शोर से उठा। अडानी कोल माइंड के लिए सिंगरौली में पेड़ों की कटाई को लेकर कांग्रेस की ओर विधायक जयवर्धन सिंह और सेना पटेल ने मामले को उठाया। कांग्रेस विधायकों नेआरोप लगाया कि भाजपा सरकार आदिवासियों और जंगलों को उजाड़ना चाहती है। कांग्रेस का आरोप था कि अदाणी समूह को फायदा पहुंचाने के लिए सरकार ने नियमों को ताक पर रख दिया है। 

वहीं अडानी मुद्दों पर बहस के दौरान कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने सरकार को घेरते हुए कहा कि अदाणी पर जब भी कांग्रेस के विधायक कोई आरोप लगाते है तो भाजपा के नेताओं को आपत्ति होने लगती है।इस दौरन कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे और मंत्री राकेश सिंह के बीच तीखी नोंक झोंक भी हुई। मंत्री राकेश सिंह ने अपनी वरिष्ठता को उल्लेख करते हुए कहा कि हेमंत कटारे पर बहुत हल्की बाते करते है जो संसदीय परंपराओं के अनुरूप नहीं होती है।
 
वहीं सदन की कार्यवाही के दौरान इंदौर के मास्टर प्लान का मुद्दा भी उठा। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने इंदौर और भोपाल के मास्टर प्लान को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री और विभागीय मंत्री के बीच समन्वय की कमी के कारण जनता को नुकसान हो रहा है। विपक्ष ने मास्टर प्लान के लंबित होने और अवैध कॉलोनियों के मुद्दे पर सरकार को घेरा। भंवर सिंह शेखावत ने कहा कि इंदौर के मास्टर प्लान को लेकर जिस तरह से मंत्री का बयान आ रहा है वह बहुत दुर्भाग्य पूर्ण है जिसका  खामियाजा इंदौर शहर भुगत रहा है। 
 
इसके साथ ही सदन की कार्यवाही में प्रश्काल के दौरान पत्रकार पत्रकारों की सुरक्षा का मुद्दा उठा। कांग्रेस विधायक विपिन जैन ने पूछा कि प्रदेश में पत्रकार सुरक्षा कानून कब तक लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को लगातार धमकियां मिल रही है। कांग्रेस विधायक के प्रश्न के जवाब में मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने जवाब दिया कि सरकार दूसरे राज्यों के पत्रकार सुरक्षा कानूनों का अध्ययन कर रही है और जल्द ही इस पर एक रूपरेखा तैयार की जाएगी। वहीं सदन की कार्यवाही के दौरान शून्यकाल में शून्यकाल के दौरान ध्यानाकर्षण के माध्यम से भाजपा विधायकों ने बड़े शहरों में फायर सेफ्टी के पुख्ता इंतजाम न होने का मामला उठाया।