गुरुवार, 26 मार्च 2026
  1. समाचार
  2. मुख्य ख़बरें
  3. मध्यप्रदेश
  4. The issue of Adani coal block in Singrauli resonated in the Madhya Pradesh Assembly
Last Modified: गुरुवार, 26 फ़रवरी 2026 (15:26 IST)

मध्यप्रदेश विधानसभा में गूंजा सिंगरौली में अडानी कोल ब्लॉक का मामला, स्कूलों की मरम्मत में भष्टाचार पर जांच के आदेश

The issue of Adani coal block in Singrauli echoed in the Madhya Pradesh Assembly
भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा में गुरुवार को लगातार दूसरे दिन सिंगरौली में अडानी कोलमाइंस को लेकर जमकर हंगामा हुआ। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रश्नकाल के दौरान सिंगरौली के धिरौली में अडानी कोल ब्लॉक का मामले उठाते हुए सरकार को जमकर घेरा। इस दौरन विपक्ष के लगातार हंगामे और आंसदी के सामने प्रदर्शन के दौरान पहले प्रश्नकाल के दौरान सदन की कार्रवाई दो बार स्थगित की गई। इसके बाद शून्यकाल शुरु होने पर भी जब विपक्ष ने हंगामा जारी रखा और सदन की कार्यवाही से वॉकआउट किया।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने अडानी कोल ब्लॉक आवंटन का मामला उठाते हुए कहा कि प्रभावित परिवारों का मुआवजा नहीं मिला है लेकि वहां पर खदान चालू कर दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि जो मुआवजा दिया गया है वह बाहरी लोगों को दिया गया है, जिसमें टीआई और यातायात प्रभारी तक शामिल है।

विपक्ष के लगातार हंगामे के बीच कांग्रेस के सीनियर नेता भंवर सिंह शेखावत ने पूरे मामले की जांच विधानसभा की समिति से करने का मांग की। वहीं सरकार की ओर मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल और सिंगरौली की प्रभारी मंत्री संपत्तिया उइके ने विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया है। प्रभारी मंत्री संपत्तिया उइके ने कहा कि वहां  पर अभी सिर्फ पेड़ काटे गए है, कोई खनन नहीं शुरु हुआ है। मंत्री के जवाब से अंसतुष्ट होकर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया।

स्कूलों की मरम्मत में भष्टाचार की जांच-वहीं विधानसभा में ध्यानकर्षण के जरिए मैहर से भाजपा विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी और कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया ने स्कूलों की मरम्मत में बड़ा घोटाले का मामला उठा। भाजपा विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी ने कहा कि मैहर जिले में स्कूलों के मरम्मत कार्य में बड़ा घोटाला हुआ है। इस घोटाले में लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक, उप संचालक और संयुक्त संचालक व अन्य शामिल हैं। यह घोटाला सिर्फ एक ब्लॉक का नहीं है, इस तरह से पूरे प्रदेश में हुआ है। इसे लेकर पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। लोक शिक्षण संचालनालय में बैठे अधिकारियों को जांच होने तक उनके पद से हटाया जाना चाहिए।

वहीं विधायक लखन घनघोरिया ने भी कहा कि जब एक ब्लॉक में ऐसा मामला सामने आया है तो पूरे प्रदेश के तीन साल में हुए मरम्मत कार्य की जांच होनी चाहिए। स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि मैहर में हुए मरम्मत कार्यों के मामले में 17 लोगों पर एफआईआर की गई है। अगर सदस्यों को निर्माण कार्य में निमित्त मात्र भी कोई आशंका है, तो उसकी जांच करा लेंगे। मंत्री के जवाब से अंसतुष्ट होकर कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया ने कहा कि जब तक लोक शिक्षण संचालनालय में बैठे डायरेक्टर, डिप्टी डायरेक्टर, जॉइंट डायरेक्टर को नहीं हटाया जाता है, तब तक जांच निष्पक्ष कैसे होगी। इस पर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर से मिले निर्देश के बाद मंत्री सिंह ने सदन में घोषणा की कि मरम्मत कार्यों और उसके भुगतान से जुड़े अधिकारियों को जांच पूरी होने तक हटाया जाएगा।
ये भी पढ़ें
Samsung Galaxy S26 Ultra vs S25 Ultra vs iPhone 17 Pro Max : कीमत से कैमरा तक जानें कौन है सबसे दमदार फ्लैगशिप?