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मप्र के 116 भाजपा विधायकों की सदस्यता रद्द की जाए : आप

Updated: सोमवार, 22 जनवरी 2018 (22:41 IST)
भोपाल। दिल्ली में लाभ के पद पर होने के कारण आप के 20 विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने के फैसले के बाद पार्टी ने आज यहां चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन कर मांग की है कि मध्य प्रदेश की वर्तमान विधानसभा के 116 भाजपा विधायकों की सदस्यता लाभ के पद पर पदस्थ होने के कारण तत्काल प्रभाव से समाप्त की जाए।


आप पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश संयोजक आलोक अग्रवाल के नेतृत्व में यहां निर्वाचन सदन पहुंचकर चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया। साथ ही मुख्य चुनाव अधिकारी को ज्ञापन देकर मांग की कि मध्य प्रदेश की वर्तमान विधानसभा के 116 विधायकों की सदस्यता लाभ के पद पर पदस्थ होने के कारण भारतीय संविधान के अनुच्छेद 191 (1) (क), अनुच्छेद 192 एवं लोकप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से समाप्त की जाए।

उन्होंने कहा, चुनाव आयोग ने दिल्ली में बहुत जल्दी कार्रवार्इ की। अब मध्य प्रदेश में भी इसी तेजी से कार्रवाई करनी चाहिए। लेकिन लगता है कि यहां वह तेजी दिखाई नहीं देगी, क्योंकि अगर सही कार्रवाई की गई तो मध्य प्रदेश की सरकार ही नहीं बचेगी। दिल्ली की सरकार पर तो चुनाव आयोग की कार्रवाई का कोई फर्क नहीं पड़ा हैभोपाल। दिल्ली में लाभ के पद पर होने के कारण आप के 20 विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने के फैसले के बाद पार्टी ने आज यहां चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन कर मांग की है कि मध्य प्रदेश की वर्तमान विधानसभा के 116 भाजपा विधायकों की सदस्यता लाभ के पद पर पदस्थ होने के कारण तत्काल प्रभाव से समाप्त की जाए।

उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी ने 4 जुलाई 2016 को लाभ के पद के अंतर्गत 116 विधायकों की सदस्यता रद्द करने की शिकायत तमाम सबूतों के साथ की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की वर्तमान विधानसभा में 116 विधायक ऐसे पद पर पदस्थ हैं, जो लाभ के पद के दायरे में आते हैं। विधायक जैसे संवैधानिक पदों पर रहते हुए संविधान और कानून का खुला उल्लंघन गंभीर विषय है।

गौरतलब है कि कल राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने चुनाव आयोग की सिफारिश पर लाभ के पद पर होने के कारण दिल्ली के आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को सदस्यता से अयोग्य ठहरा दिया था। हालांकि भाजपा प्रदेश प्रवक्ता दीपक विजयवर्गीय ने कहा, दिल्ली में चुनाव आयोग के कार्रवाई के चलते आप में हताशा है। मध्यप्रदेश में कोई भी विधायक लाभ के पद के मानदंडों के दायरे में नहीं है। इसलिए उनके आरोपों को गंभीरता से नहीं लेना चाहिए। (भाषा)

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