sundarkand

नियति का नियंत्रण र्इ्श्‍वर के ही हाथ में है...

Updated: मंगलवार, 12 जून 2018 (17:28 IST)
मनुष्‍य हर क्षण परमपिता पररमेश्‍वर द्वारा दिए गए इस जीवन को एक पहेली समझ इसे सुलझाने के प्रयास में लगा रहता है- सुख-दुख सदा निर्बाध गति से आते हैं, ले‍किन उसे सुख का जाना और दुख का आना सदा आश्‍चर्य लगता है।


यह सब कुछ इस प्रकृति और स्‍वाभाविक प्रकियाएं हैं जिनका नियंत्रण ईश्‍वर के हाथ में है। हमारी इच्‍छाओं व कामनाओं से निरपेक्ष यह केवल हमारे कर्मों का फल है।

मॉडल, आध्यात्मिक गुरु और गृहस्थ संत थे भय्यू महाराज, ब्रांडेड कपड़े व लग्जरी कारों का शौक था...

जिस तरह सभी खाद्य फल एक रस या स्‍वाद के नहीं होते, उसी तरह कर्मों का फल भी कभी सुखमय तो कभी दुखमय लगता है। नियति का नियंत्रण र्इ्श्‍वर के ही हाथ में है और वही इसके सर्वा‍धिक योग्‍य पात्र हैं।
मनुष्‍य के लिए आवश्‍यक है कि वह नियति का फलादेश सम्‍मान के साथ स्‍वीकार कर अपने कार्यों में रत रहे और कर्मशील रहे, क्‍योंकि कर्म ही  प्रत्‍येक लक्ष्‍य तक पहुंचने का एकमात्र रास्‍ता है। (साभार : धर्मादित्य टाइम्स)

Show comments

CJP का 5 सितंबर को दिल्ली में बड़ा विरोध मार्च, वादाखिलाफी पर सरकार को घेरा

CJP के दीपके ने लिखा शिक्षा मंत्रियों को पत्र, सरकारी स्कूलों की बदहाली पर उठाए 6 तीखे सवाल

संदीपा धर पहुंचीं कश्मीर स्थित अपने पुश्तैनी घर, 90 साल पुरानी लकड़ी की अलमारी में मिलीं परिवार की अनमोल यादें

नेतन्याहू के लिए ब्रिटेन एक इस्लामी देश क्यों है?

मोदी-ट्रंप की G7 मुलाकात में क्या हुआ था? अमेरिकी राजदूत का बड़ा दावा- भारत ने कहा था ‘सवाल मत पूछिए’, फिर ट्रंप ने बदल दिया प्लान

सभी देखें

CJP ने संगठन में किए बड़े बदलाव, नए पदाधिकारियों का ऐलान, पार्टी ने बताया अब आगे का क्या है प्लान

Bajaj Pulsar 125 और Pulsar 150 का नया अवतार लॉन्च, ₹92,990 से शुरू कीमत, मिलेंगे Ride Modes, TFT डिस्प्ले और Google Maps

अयोध्या में चंपत राय के विरोध में संतों की बैठक पर पुलिस की रोक, संतों ने लगाया गंभीर आरोप

यूपी के 558 मदरसा प्रबंधक एंटी करप्शन के रडार पर, फर्जी नियुक्ति से चंदे तक, 333 पन्नों में खुला पूरा कच्चा चिट्ठा

पाकिस्तान को चीन और तुर्की के हथियारों की सप्लाई? 60 घंटे की रहस्यमयी 'सैन्य एयरलिफ्ट' से मची हलचल

अगला लेख