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अपने ही जाल में उलझ गए भाजपा के 'बल्लामार' विधायक आकाश विजयवर्गीय?

Updated: शुक्रवार, 28 जून 2019 (10:36 IST)
भोपाल। भाजपा के ‘बल्लामार’ युवा विधायक आकाश विजयवर्गीय की दूसरी रात भी इंदौर जेल की सलाखों के पीछे गुजरी। 6 महीने पहले ही विधायक बने आकाश विजयवर्गीय ने भले ही पिता की तरह सियासी सीढ़ियों को चढ़ने के लिए सरकारी अफसर को पीटने का रास्ता चुना हो लेकिन अब वे अपने ही जाल में उलझते हुए दिखाई दे रहे हैं।

इंदौर सेशन कोर्ट से जमानत नहीं मिलने के बाद अब आकाश के वकील आज भोपाल जिला कोर्ट में जनप्रतिनिधियों के मामलों की सुनवाई के लिए बनी विशेष कोर्ट में जमानत याचिका दायर करेंगे। अगर भाजपा विधायक को भोपाल कोर्ट से जमानत नहीं मिलती है तो फिर जमानत के लिए उनको हाईकोर्ट का रुख करना होगा। ऐसे में उनको अभी कई और रातें जेल की सलाखों के पीछे गुजारनी पड़ सकती हैं।

अगर आज किन्हीं कारणों से आकाश की जमानत पर कोई फैसला भोपाल की विशेष कोर्ट से नहीं आता है या उनको जमानत नहीं मिलती है तो ऐसे में कल शनिवार और फिर रविवार है तो यह पूरा मामला सोमवार तक खिंच सकता है और तब तक उन्हें जेल की सलाखों के पीछे ही रहना होगा।

पुलिस ने कसा शिकंजा : इधर आकाश विजयवर्गीय के खिलाफ पुलिस का शिकंजा भी कसता जा रहा है। मुख्यमंत्री कमलनाथ के इंदौर पुलिस की तारीफ करने और इस बयान के बाद कि अब पुलिस को साबित करना है कि उसने जो कार्रवाई की वह सही है, पुलिस अब कोई रिस्क लेने के मूड में नहीं है।

सूत्र बताते हैं कि पूरे मामले को लेकर पुलिस ने जो केस डायरी तैयार की है उसमें केस मजबूत करने के लिए काफी साक्ष्य जुटाए गए हैं। इसके साथ ही पुलिस ने बिना अनुमति के धरना प्रदर्शन करने के पुराने मामले में जेल जाकर एक और केस में भाजपा विधायक की गिरफ्तारी कर ली है। पिछले दिनों इंदौर में बिजली कटौती को लेकर भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय ने अपने समर्थकों के साथ धरना प्रदर्शन किया था जिस पर पुलिस ने आकाश के खिलाफ केस दर्ज किया था। पुलिस के मुताबिक, मामला दर्ज होने के बाद आकाश फरार चल रहे थे लेकिन अब उनकी गिरफ्तारी कर ली गई है। ऐसे में आकाश को अब दो मामलों में अलग-अलग जमानत लेनी पड़ेगी।

विधायकी रद्द करने के लिए राज्यपाल को पत्र : भाजपा विधायक की विधानसभा सदस्यता रद्द करने के लिए इंदौर नगर निगम की नेता प्रतिपक्ष फौजिया शेख ने राज्यपाल को पत्र लिखा है। फौजिया शेख के मुताबिक जिस तरह भाजपा विधायक ने निगम के अधिकारी की पिटाई की है उससे उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, जिससे आगे निगम के अफसर बैखोफ होकर अपना काम कर सकें।

महापौर मालिनी गौड़ ने झाड़ा पल्ला : आकाश विजयवर्गीय की गिरफ्तारी के बाद इंदौर भाजपा में गुटबाजी एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। महापौर मालिनी गौड़ ने साफ कह दिया है कि अगर आकाश विजयवर्गीय को कोई शिकायत थी तो उन्हें उनसे बात करनी चाहिए थी। वहीं इंदौर भाजपा जो आज नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन की तैयारी कर रही है उससे भी महापौर ने दूरी बना सकती है। इससे पहले नगर निगम कमिश्नर साफ कर चुके हैं कि निगम आकाश विजयवर्गीय की जमानत का हर स्तर पर विरोध करेगा।
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विकास सिंह
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