17वीं लोकसभा में चुने जाने वाले सांसदों को नई सुविधा, 10 मिनट में मिल जाएगा स्थायी पहचान-पत्र

पुनः संशोधित बुधवार, 22 मई 2019 (16:52 IST)
नई दिल्ली। 17वीं लोकसभा में चुनकर आने वाले नए सांसदों के लिए इस बार ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था की गई है और उन्हें आते ही स्थायी पहचान-पत्र दिया जाएगा।
67 साल के संसदीय इतिहास में यह पहला मौका है जब सांसदों को अस्थायी पहचान-पत्र की बजाय सीधे ही स्थायी पहचान पत्र दिए जाएंगे।

लोकसभा महासचिव स्नेहलता श्रीवास्तव ने 17वीं लोकसभा की तैयारियों के बारे बुधवार को कहा कि इस बार 56 नोडल अधिकारी बनाए गए हैं, जो चुनाव परिणाम आते ही चुने गए सांसदों से संपर्क स्थापित करेंगे।

नए सांसदों के दिल्ली आने से पहले ही उनसे ऑनलाइन ऐसे फॉर्म भरवा लिए जाएंगे जिनकी तुरंत जरूरत होती है। इनमें शपथ ग्रहण की भाषा, उनका पता, हस्ताक्षर का नमूना आदि शामिल हैं। अन्य फॉर्म जो बाद में भी भरे जा सकते हैं उनके लिए अभी ऑनलाइन सुविधा नहीं दी गई है।
जब दिल्ली आएंगे तो संसद भवन के कमरा नंबर 62 में बने पंजीकरण डेस्क पर दो-तीन मिनट में शेष औपचारिकताएं पूरी कर 10 मिनट के अंदर उन्हें स्थायी पहचान-पत्र जारी कर दिए जाएंगे।

अब तक नए सांसदों को पंजीकरण के बाद पहले अस्थायी पहचान-पत्र जारी किए जाते थे और सिक्युरिटी फीचर वाले स्थायी पहचान पत्र मिलने में 15 से 20 दिन का समय लगता था।
लोकसभा महासचिव ने बताया कि दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के तीनों टर्मिनलों पर, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के दोनों प्रवेश द्वारों पर तथा पुरानी दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन और आनंद विहार रेलवे स्टेशनों पर एक-एक गाइड पोस्ट बनाए गए हैं, जो मतगणना के दिन 23 मई की शाम 6 बजे से ही काम करना शुरू कर देंगे।

ये पोस्ट 24 मई से रोजाना सुबह 5 बजे से रात के 11 बजे तक खुले रहेंगे। फिलहाल 28 मई तक के लिए यह व्यवस्था की गई है, जिसे जरूरत पड़ने पर आगे भी जारी रखा जा सकता है।
हवाई अड्डों और रेलवे स्टेशनों से सांसदों को सीधे संसद भवन के कमरा नंबर 62 में लाया जाएगा, जहां एक ही डेस्क पर पंजीकरण, वेतन एवं भत्तों, नामांकन, दिल्ली में अस्थायी आवास आदि से जुड़ी दस्तावेजी जरूरतें पूरी कर ली जाएंगी।

 

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