यूपी में प्रियंका और कांग्रेस को चुनौती नहीं मानती भाजपा

विवेक त्रिपाठी|
लखनऊ। उत्तर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष ने कहा कि प्रियंका और कहीं से चुनौती में नहीं है। चाहे प्रियंका आए या कांग्रेस का कोई भी नेता आए, कांग्रेस आज उप्र में जमीन से 'डिस्कनेक्टेड' पार्टी है।

एक विशेष साक्षात्कार में पांडेय ने कहा कि कांग्रेस के पास ब्लॉक में कमेटियां नहीं हैं। बूथों पर व्यक्ति नहीं हैं। भाजपा के लिए कहां से चुनौती खड़ा करेगी। प्रियंका यहां आकर सिर्फ चर्चा फैलाने का काम कर सकती हैं। एक कदम भी कांग्रेस को आगे नहीं बढ़ा सकतीं। भाजपा के लिए प्रियंका परेशानी नहीं हैं।

डॉ. पांडेय ने प्रियंका गांधी को प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ाने को लेकर कहा कि मोदी के खिलाफ जो भी चुनाव लड़ने की सोचे यह उसका विषय है। बनारस लोकसभा में मोदी को बहुत ज्यादा मतों से जिताने की होड़ है। लोगों को मोदी जैसा अच्छा नेता मिला है। पांच वर्षों में विकास के काम हुए हैं। वहां किसी के आने का कोई फर्क नहीं पड़ेगा। महेन्द्रनाथ ने कहा कि हम अपने सहयोगी दलों को साथ लेकर चलने में विश्वास करते हैं।

डॉ. पांडेय समाजवादी पार्टी (सपा) बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के गठबंधन को हम कोई चुनौती नहीं मान रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब उत्तर प्रदेश में गठबंधन की चर्चा चल रही थी, भाजपा उसके पहले से मोदी सरकार के काम, उनके व्यक्तित्व पर फोकस कर रही है। योगी सरकार आई तो जनता की भलाई के काम के आधार पर हर वर्ग व संगठन में पैठ बना रही है। कार्यकर्ता के आधार पर चुनाव जीतने की रणनीति पर कार्य कर रही है।
जनता की भलाई की बड़ी कार्य योजना बनाकर प्रदेश सरकार आगे बढ़ रही है। अन्य दल राजनीतिक सत्ता पाने के लिए परेशान हैं। भाजपा के केंद्रबिंदु में गांव, गरीब के उत्थान की कार्य योजना है। इसीलिए गठबंधन कोई चुनौती नहीं है। पहले चरण के चुनाव के बाद समाज के सभी तबको ने भाजपा को अपना समर्थन दिया है। मायावती के वोट कहे जाने वाले दलित भी भाजपा के साथ आए हैं।

पांडेय ने आरोप यगाया कि मायावती द्वारा बाहुबलियों को टिकट देने पर कहा कि मायावती 38 टिकट पर चुनाव लड़ रही है। 2 टिकट सिर्फ कैडर को दिए हैं। 32 टिकट उद्योगपतियों और बाहरियों को दिए हैं। मुंबई से दानिश अली और श्रावस्ती से गुटखा वाले को पैसे लेकर टिकट ‍दिए हैं। यह दुखद है। भाजपा व अन्य दलों ने बाहुबलियों से दूरी बना रखी है, लेकिन मायवती ने फिर से बाहुबलियों को प्रमुखता देकर अपना दोहरा चेहरा खुद ही बेनकाब किया है। उनके दिल मे केवल दौलत है, चाहे अपराधियों के हाथ से आए; चाहे व्यपारी के माध्यम से। यही मायावती का दर्शन है।

उन्होंने कहा कि अब दलित इस बात को जान चुका है। मोदी द्वारा प्रयागराज के कुंभ में दलितों के पैर धोकर जो सम्मान दिया था, उससे वे अब भाजपा की ओर आशा भरी निगाह से देख रहे हैं।

सपा मुखिया अखिलेश यादव द्वारा भाजपा को यूपी में सिर्फ एक सीट मिलने की बात पर डॉ. पांडेय ने कहा कि शायद उनको ही एक सीट मिल जाए तो वे बहुत भाग्यशाली होंगे। यह समाजवादी पार्टी के लिए प्रसन्नता का विषय होगा।
पांडेय ने कहा कि ओमप्रकाश राजभर को पूरा महत्व दिया था। उनकी बातों को सहन भी किया। उन्हें संभालने का प्रयास किया। लोकसभा चुनाव में एक सीट देने का भी प्रस्ताव दिया था। हम उनके साथ मिलकर चलना चाहते थे, लेकिन उन्हें यह सब कुछ शायद पसंद नहीं आया। अब भाजपा का निषाद पार्टी से गठबंधन है। उनके साथ चुनावी कार्यक्रम तैयार किए जा रहे हैं। कोई दिक्कत नहीं है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि हमारे जो अपने हैं, उन्हें हम हमेशा साथ लेकर चलते हैं। आजमगढ़ से रमाकांत ने कुछ दिनों से अपने आप को स्वतः रिजर्व कर लिया था। हमने उन्हें दूर नहीं किया है। उनके पुत्र अरुणकांत भाजपा से विधायक हैं। पार्टी के लिए प्रचार भी कर रहे हैं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि दिनेश लाल निरहुआ की लोकप्रियता युवाओं में बहुत है। भोजपुरी में उनकी स्वीकार्यता भी है। चुनाव के टिकट कई विषयों के हिसाब से तय होते हैं। भाजपा को लगा कि वह अखिलेश यादव को कड़ी टक्कर देकर चुनाव जीत सकते हैं। इसीलिए उन्हें टिकट दिया।
भाजपा में अनुशासन की बात पर पांडेय ने कहा कि पिछले दिनों सांसद विधायक झगड़े का पार्टी ने कड़ाई से संज्ञान लिया है। दोनों ने माफी मांगते हुए भविष्य में ऐसी गलती ना करने की बात कही है और हमेशा अच्छे आचरण का वचन दिया है। इसीलिए कोई कार्रवाई नहीं की गई है, लेकिन पार्टी के अंदर किसी भी प्रकार की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

महेन्द्र नाथ पांडेय ने मेनका गांधी के बयान पर कहा कि उन्होंने अपने बयान पर खुद ही स्पष्टीकरण दे दिया है। हमारी पार्टी गरीबों के कल्याण और विकास के मुद्दे को लेकर आगे बढ़ रही है। हम विकास को प्रमुखता देते हैं।
कौन हैं महेन्द्रनाथ पांडेय : उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में जन्मे महेंद्र नाथ ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है और पीएचडी भी की है। वह बीएचयू में छात्रसंघ के महामंत्री भी रह चुके हैं। वह आरएसएस से जुड़े रहे और कई प्रमुख पदों पर रहे हैं। 1991 में पहली बार पांडेय यूपी विधानसभा के लिए चुने गए थे। दूसरी बार लगातार विधायक बनने पर वह कल्याणसिंह की सरकार में मंत्री भी रहे। 2014 में चंदौली से सांसद चुने गए। वह केंद्र सरकार में मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री रहे हैं।

 

और भी पढ़ें :