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मसूड़ों की बीमारियों से भी हो सकता है कैंसर

Updated: बुधवार, 2 अगस्त 2017 (11:33 IST)
अमेरिकन एसोसिएशन फॉर कैंसर रिसर्च के एक जर्नल में छपे इस शोध के मुताबिक मसूड़ों की बीमारियां से कैंसर बढ़ने का खतरा 14 प्रतिशत अधिक होता है।
 
एक अमेरिकी शोध में पाया गया है कि जो महिलाएं मसूड़ों से जुड़ी बीमारियों का सामना करती हैं उनमें कई प्रकार के कैंसर होने के खतरे ज्यादा होते हैं। इनमें भोजन नलिका और स्तन में ट्यूमर होने की आशंका अधिक होती है।
 
अमेरिकन एसोसिएशन फॉर कैंसर रिसर्च के एक जर्नल में छपे इस शोध के मुताबिक मसूड़ों की बीमारियां से कैंसर बढ़ने का खतरा 14 प्रतिशत अधिक होता है। इसमें सबसे मजबूत संबंध भोजन नलिका के कैंसर से था। ये उन महिलाओं में तीन गुना अधिक पाया गया जिन्हें मसूड़ों से जुड़ी कोई बीमारी थी। इस रिसर्च में यह यह भी पाया गया कि इन महिलाओं में फेफड़े, पित्ताशय, त्वचा और स्तन का कैंसर होने का भी खतरा है।
 
साल 1999 से लेकर 2013 तक किए गए इस शोध में मेनोपॉज के बाद की 65 हजार महिलाओं को शामिल किया गया था, जिन्होंने अपने स्वास्थ्य से जुड़े सवालों के जवाब दिए।
 
इन महिलाओं की उम्र 54 से 86 वर्ष थी जिनके बारे में 8 साल तक जानकारियां इकट्ठी की गयी थीं। इससे पहले हुए शोध में भी यह बात सामने आई थी कि मसूड़ों से जुड़ी बीमारियों से कई प्रकार के कैंसर होने के खतरे होते हैं। लेकिन यह पहली रिसर्च है जिसमें मसूड़ों की बीमारी को सभी प्रकार के कैंसर से जोड़कर देखा गया है।
 
बफेलो के स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ न्यूयॉर्क में स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के डीन और सीनियर लेखक जीन वक्टोव्स्की वेन्डे ने कहा, "यह अध्ययन, महिलाओं, विशेषकर वृद्ध महिलाओं पर ध्यान देने वाला पहला राष्ट्रीय शोध है"। उन्होंने कहा कि मसूड़ों की बीमारियां कैंसर को किस तरह बढ़ाती हैं यह पता लगाने के लिए और शोध करने की जरूरत है।
 
एक अनुमान यह है कि हानिकारक रोगाणु लार के साथ रक्तग्रस्त मसूड़ों के ऊतक को रक्त परिसंचरण में पहुंच सकते हैं। भोजन नलिका मुंह से एकदम जुड़ा हुआ है इसलिए मसूड़ों के रोगाणु ज्यादा आसानी से भोजन नलिका में पहुंच कर संक्रमण फैला सकते हैं। 
 
- एसएस/एनआर (एएफपी)
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