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क्रिप्टोकरंसी ट्रेडिंग की लत, एक छिपी हुई महामारी?

Written By DW
Updated: रविवार, 7 नवंबर 2021 (08:01 IST)
दुनियाभर में लाखों लोग वर्तमान में डिजिटल मुद्राओं के कारोबार में लगे हुए हैं और ऐसे लोगों की संख्या बढ़ रही है।
 
मैट डेंजिको जब कभी किराना स्टोर में खरीदारी करने जाते और पैकिंग के ऊपर क्रिप्टोकरंसी का लोगो देखते, तो उन्हें एहसास होता कि वे एक समस्या से ग्रसित हैं। डेंजिको को भी एक दिन डिजिटल करंसी की लत गई। वे दुनिया भर में ऐसी मुद्राओं के लिए दीवानगी का हिस्सा बन गए।
 
कोरोना वायरस महामारी के दौरान अनगिनत लोग डिजिटल मुद्रा ट्रेडिंग में शामिल हुए। व्यापार ऐसे व्यक्तियों के लिए एक आवरण बन गया क्योंकि व्यापार उनकी सोच पर हावी था। डिजिटल मुद्रा ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म क्रिप्टो डॉट कॉम के मुताबिक फिलहाल दुनिया भर में 22।1 करोड़ लोग ऐसी मुद्राओं में ट्रेडिंग कर रहे हैं।
 
स्पेन के बार्सिलोना के रहने वाले 39 वर्षीय मैट डेंजिको का कहना है कि क्रिप्टोकरंसी के कारोबार में फंसने के बाद उन्होंने जागने में कई रातें बिताईं क्योंकि वह उनके प्रति जुनूनी थे। वे कहते हैं कि वे जल्द ही अपनी मानसिक क्षमताओं को खो लगे। एक डिजाइनर होने के अलावा डेंजिको एक फोटो पत्रकार भी हैं। उनकी पत्नी भी महामारी के दौरान उनकी सोच पर पड़ने वाले प्रभावों पर नजर रख रही थीं, क्योंकि वे महामारी के दौरान हमेशा घर पर ही रहते थे। वह क्रिप्टोकरंसी की कीमतों में उतार-चढ़ाव की अटकलों में खोए रहते थे। उनका कहना है कि इस वजह से उन्हें गंभीर भावनात्मक संकट और चिंता का सामना करना पड़ा।
 
डिजिटल मुद्राएं स्थिर नहीं
मैट डेंजिको कहना है कि बिटकॉइन या इथेरियम जैसी क्रिप्टोकरंसी अत्यधिक अस्थिर हैं, और इन मुद्राओं के व्यापार से होने वाला लाभ आमतौर पर कुछ ही मिनटों में खो जाता है। दुनिया भर में अब करोड़ों लोग इस लेनदेन में लगे हुए हैं। यह भी कहा जाता है कि डिजिटल करंसी के प्रति आसक्त रहने वालों की मानसिक स्थिति रोलर कोस्टर जैसी हो जाती है। वे लगातार रोलर कोस्टर जैसी तेज उतार-चढ़ाव की चपेट में रहते हैं।
 
सपने में अमीर बनने का ख्याल
डेंजिको ने यह नहीं बताया कि उन्होंने उन्माद में कितना खोया, लेकिन उनके बैंक खाते इसके गवाह हैं। इस जुनून से उबरने के बाद वह इस भावना के साथ अमेरिका में अपनी मातृभूमि लौट आए कि वह अब डिजिटल करंसी के जुनून पर काबू पाने में सफल हो गए। डेंजिको का कहना है कि इन डिजिटल मुद्राओं के साथ सुरक्षित रहने का तरीका ट्विटर से दूर रहना है, जहां ऐसी मुद्राओं में रुचि रखने वाले लोगों का एक बड़ा समूह हर समय ऑनलाइन रहता है। डेंजिको कहते हैं कि मानसिक स्वास्थ्य में सुधार और पुरानी अस्थिरता को रोकने के लिए यह महत्वपूर्ण है।
 
ट्रेडिंग करते-करते सड़क पर आ गया
एक चेक नागरिक की कहानी तो और भयानक है, जिसने रातों-रात अमीर बनने का सपना देखा था। सितंबर में डिजिटल करंसी के अधिग्रहण और उनके निरंतर गिरते मूल्य के कारण कर्ज के जाल में फंस गया। ट्विटर पर चेक गणराज्य के इस नागरिक की कहानी काफी वायरल हुई। वह व्यक्ति अब अवसाद और बेघर होने के बाद मदद मांगने के लिए भी शर्म महसूस करता है। वह ट्विटर पर यूजर नेम जिरका के साथ लिखता है, "जब मैंने अपनी मां को फोन किया तो मैंने कहा कि सब ठीक है, मेरे पास अच्छी नौकरी, सोने की जगह आदि है। वास्तव में मैं भूख से मर रहा था।" जिरका अपनी जिंदगी को नए सिरे से शुरू करने की कोशिश कर रहा है।
 
जानकारों का कहना है कि डिजिटल की लत जुए की लत की तरह है। स्कॉटलैंड के एक स्वास्थ्य देखभाल केंद्र कैसल क्रेग ने क्रिप्टोकरंसी की लत को आधुनिक समय की महामारी बताया है। चिकित्सा संस्थान के मुताबिक इस डिजिटल रोग के शिकार ज्यादातर सामान्य तौर पर पुरुष ही होते हैं। केंद्र के मुताबिक महिलाओं को ऐसी मुद्राओं में व्यापार करने में कम दिलचस्पी है।
 
एए/वीके (एएफपी)
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