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अमेरिका की भांग जोगनें

Updated: बुधवार, 26 अप्रैल 2017 (11:10 IST)
भारत के बाबा तो गांजा फूंकने के लिए मशहूर थे ही, अब कैलिफोर्निया की दो ननें भी दम मारने के लिए सुर्खियां बटोर रही हैं।
 
ज्वाइंट फूंकने वाली ननें
कैलिफोर्निया की सेंट्रल वैली फलों, सब्जियों और सूवे मेवों के खेती के लिए मशहूर है। यहां नन बन चुकीं दो बहनें भांग की खेती करती हैं। भांग वे खुद अपने और श्रद्धालुओं के लिए उगाती हैं।
 
मौजूदा कर्मकांडों से दूर
दोनों बहनों का कैथोलिक चर्च से कोई संबंध नहीं हैं। 2014 में सिस्टरहुड की स्थापना करने वाली सिस्टर केट कहती हैं, "हम धर्म के विरुद्ध हैं, इसीलिए हमारा कोई धर्म नहीं। हम खुद को बिगीन रिवाइवलिस्ट मानते हैं और हम ईसाई पद्धति से पहले के समय की विधियां अपनाते हैं।"।
 
नन बनने से पहले
सिस्टर कैट नन बनने से पहले 2011 में "वॉल स्ट्रीट पर कब्जा करो" जैसे अभियान में हिस्सा ले चुकी थीं। प्रदर्शन के दौरान दोनों बहनों ने नन की पोशाक पहनी थी। इस दौरान उन्हें "सिस्टर ऑक्युपाय" कहा जाने लगा।
 
भांग की खुराक
सिस्टर फ्रेया भांग से खास किस्म का घोल सा बनाती हैं। उनके मुताबिक इसमें दर्द निवारक, एंटी इनफ्लेमैट्री और चिंतामुक्त करने वाले गुण होते हैं। ननों के मुताबिक इसमें भांग के नशीले तत्व की बहुत कम मात्रा होती है।
 
नशा नहीं दवा
इस घोल से बाम और मरहम भी बनाए जाते हैं। दोनों बहनें अपने बाम और मरहम को सेहत के लिए फायदेमंद बताती हैं। केट के मुताबिक उन्होंने 2016 में 7,50,000 डॉलर की बिक्री की। उनके उत्पाद जनवरी 2015 से बिकने शुरू हुए।
 
ज्यादा मुश्किल नहीं
अमेरिका में दो दर्जन से ज्यादा राज्यों में इलाज के तौर पर भांग का इस्तेमाल कानूनी है। लेकिन संघीय स्तर पर अब भी भांग की दवा गैरकानूनी बनी हुई है। सिस्टर केट कहती हैं, "हमें कुछ नफरत भरे फोन आए लेकिन आम तौर पर देखा जाए तो कैथोलिक समाज ने समझ लिया है कि हम क्या कर रहे हैं।"
 
आलोचकों को जवाब
राष्ट्रपति ट्रंप का प्रशासन भांग को कानूनी करने का मुखर विरोधी रहा है। लेकिन इन दोनों बहनों का कहना है कि नए प्रशासन ने उनके संकल्प को मजबूती दी है।
 
कनाडा है बाजार
सिस्टर केट कहती हैं, "ट्रंप ने हमें जलते तवे पर बैठा दिया है, इससे हम दूसरे देश में जाएंगे। ट्रंप को हमारा जबाव है, कनाडा।" अब दोनों बहनों का ग्रुप कनाडा में ऑनलाइन अपने प्रोडक्ट बेच रहा है। (रिपोर्ट: नदीन बैर्गहाउजेन/ओएसजे)
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