WTC FINAL: रवि शास्त्री के ‘बेस्ट ऑफ थ्री’ वाले कॉन्सेप्ट पर युवराज सिंह ने दिया बयान

पुनः संशोधित सोमवार, 7 जून 2021 (15:44 IST)

के फाइनल को शुरु होने में अब चंद दिन बचे हैं। दुनियाभर केक्रिकेट फैंस व दिग्गजों की नजरें पहली बार खेले जाने वाले WTC फाइनल पर लगी हुई हैं। 2 साल तक लीग मैचों में जूंझने के बाद भारत-न्यूजीलैंड की टीमों ने फाइनल में जगह बनाई और अब दोनों टीमें इतिहास रचने के लिए उत्सुक हैं।
मगर फाइनल में कौन जीतेगा और कौन नहीं, इससे इतर एक दूसरी चर्चा भी चल रही है कि क्या WTC के फाइनल में एक मैच का होना सही है? के लिए उड़ान भरने से पहले भारतीय कोच रवि शास्त्री ने कहा था, “मुझे लगता है कि अगर वे इस टेस्ट चैम्पियनशिप अपनाना चाहते हैं तो भविष्य में ‘बेस्ट ऑफ थ्री’ फाइनल आदर्श होगा. ढाई साल के क्रिकेट के समापन के लिए तीन मैचों की सीरीज.’’
रवि शास्त्री के बाद अब भी यही राग अलापते नजर आए हैं। असल में, उनका भी यही मानना है कि WTC फाइनल के लिए बेस्ट ऑफ थ्री होना चाहिए। रविवार को युवराज सिंह ने न्यूज 18 से बात करते हुए कहा, ‘‘मेरा मानना है कि इस तरह की स्थिति में बेस्ट आफ थ्री टेस्ट की सीरीज होनी चाहिए क्योंकि अगर आप पहला मैच गंवा दो तो अगले दो मैचों में वापसी कर सकते हो. भारत थोड़े नुकसान की स्थिति में है क्योंकि न्यूजीलैंड की टीम पहले ही इंग्लैंड में टेस्ट मैच खेल रही है. आठ से 10 अभ्यास सत्र मिलेंगे लेकिन मैच अभ्यास की भरपाई किसी चीज से नहीं हो सकती. यह बराबरी का मुकाबला होगा लेकिन न्यूजीलैंड की टीम थोड़े फायदे की स्थिति में रहेगी.’’
‘बेस्ट ऑफ थ्री’ में होगा बदलाव

आपको याद दिला दें, ऑस्ट्रेलिया में जब भी किसी त्रिकोणीय सीरीज का आगाज होता है, तो उसके विजेता के लिए फाइनल में एक मैच नहीं खेला जाता, बल्कि ‘बेस्ट ऑफ थ्री’ यानि 3 मैच की सीरीज खेली जाती है, जो काफी रोमांचक रहती है। अब ये सोचने वाली बात है कि WTC के लिए 9 टीमों ने 2 साल तक टेस्ट मैच खेले और जिन दो टीमों ने खुद को फाइनल में पहुंचाया है, उनके लिए एक मैच से विजेता का चुनाव होना कुछ हद तक हारने वाली टीम के साथ नाइंसाफी होगी। इसलिए आईसीसी को अगले चक्र में फाइनल में बदलाव के लिए सोचना चाहिए।



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