क्रिकेट खेलने के लिए 3 साल तक किया लोकल ट्रेन का सफर, भारत को U-19 WC 22 में जीत दिलाई इस गेंदबाज ने

Last Updated: सोमवार, 17 जनवरी 2022 (18:38 IST)
पुणे: के हिल स्टेशन लोनावाला में शौकिया तौर पर क्रिकेट खेलते थे लेकिन कोच मोहन जाधव ने उनकी प्रतिभा देखने के बाद उनके पिता से पुणे स्थानांतरित होने का सुझाव दिया, जिसके बाद भारतीय अंडर-19 टीम के इस खिलाड़ी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा।

बाएं हाथ के इस स्पिनर ने वेस्टइंडीज में आईसीसी के पहले मैच में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पांच विकेट लेकर भारत की जीत की पटकथा लिखी। राष्ट्रीय टीम के लिए यह प्रदर्शन उनके माता-पिता की दुआओं और त्याग का असर है।

उनके कोच मोहन जाधव ने सोमवार को पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘यह लड़का लोनावाला का रहने वाला है। शुरुआत में, वह नौ साल की उम्र में वेंगसरकर अकादमी में क्रिकेट खेलने के लिए मुंबई गया था। फिर जब वह 10 साल का था तब वह थेरगांव में वेंगसरकर अकादमी की शाखा में आया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ वहीं से उसका सफर शुरू हुआ। पुणे में स्थानांतरित होने का कारण यह था कि लोनावाला मुंबई क्रिकेट संघ (एमसीए) के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। यह महाराष्ट्र क्रिकेट संघ (एमएसीए) के अंतर्गत आता है।’’

इस 19 साल के खिलाड़ी ने भारत की अंडर-19 एशिया कप जीत में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने फाइनल में श्रीलंका के खिलाफ तीन विकेट लिए थे। जाधव ने कहा, ‘‘ उसके पिता और उसने (ओस्तवाल) तीन से चार साल तक लोकल ट्रेन से यात्रा की। उसके पिता ने स्कूल से उसे जल्दी ले जाने के लिए विशेष अनुमति ली थी और फिर लोनावाला से ट्रेन से चिंचवड़ की यात्रा करते थे। इसमें उन्हें कम से कम डेढ़ घंटा लगता था। कुल मिलाकर वे रोजाना तीन घंटे की यात्रा करते थे।’’

जाधव को तब लगा कि अकादमी के पास किसी जगह स्थानांतरित होने से उसकी यात्रा समय बच जाएगा।उन्होंने कहा, ‘‘हमने परिवार से पुणे के आसपास रहने का अनुरोध किया और वे इसके लिए तैयार हो गये। इससे वह अभ्यास और अधिक ध्यान और समय देने लगा।’’

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Under-19 World cup : भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 45 रन से हराया

चार बार के चैंपियन भारत ने खेल के हर विभाग में अच्छा प्रदर्शन करके दक्षिण अफ्रीका को 45 रन से हराकर अंडर-19 विश्व कप में अपने अभियान की जीत से शुरुआत की।

प्रोविडेन्स स्टेडियम में शनिवार को खेले गये मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी के लिये आमंत्रित किये जाने के बाद कप्तान यश धुल की 82 रन की जिम्मेदारी भरी पारी की मदद से 46.5 ओवर में 232 रन बनाये।

इसके बाद बायें हाथ के स्पिनर विक्की ओस्तवाल (28 रन देकर पांच विकेट) और तेज गेंदबाज राज बावा (47 रन देकर चार विकेट) ने अपनी गेंदबाजी का कमाल दिखाया और दक्षिण अफ्रीका को 45.4 ओवर में 187 रन पर ढेर कर दिया।

दक्षिण अफ्रीका ने 233 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए सलामी बल्लेबाज इटहान जॉन कनिंघम (शून्य) का विकेट पहले ओवर में ही गंवा दिया, जिन्हें तेज गेंदबाज राजवर्धन हेंगारगेकर (38 रन देकर एक विकेट) ने पगबाधा आउट किया।

वेलेंटाइन किटाइम (25) और डेवाल्ड ब्रेविस (65) ने इसके बाद दूसरे विकेट के लिये 58 रन की साझेदारी की। दक्षिण अफ्रीका का स्कोर 10 ओवर के बाद एक विकेट पर 38 रन था। किटाइम ने 10वें ओवर में तेज गेंदबाज रवि कुमार पर छक्का और चौका लगाया था।

ओस्तवाल ने तोड़ी अहम साझेदारी

ब्रेविस और किटाइम ने इसके बाद बावा के अगले ओवर में 17 रन जुटाये। जब ये दोनों हावी होने की कोशिश कर रहे थे तब ओस्तवाल ने किटाइम को विकेटकीपर दिनेश बाना के हाथों कैच कराकर साझेदारी तोड़ी।ओस्तवाल ने 21वें ओवर में जीजे मारी (आठ) को विकेट के पीछे कैच कराकर स्कोर तीन विकेट पर 83 रन कर दिया।
इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने दक्षिण अफ्रीका को संभलने का मौका नहीं दिया। बावा ने 36वें ओवर में ब्रेविस को कप्तान धुल के हाथों कैच कराया जिसके बाद दक्षिण अफ्रीकी पारी ढहने में समय नहीं लगा। कप्तान जार्ज वान हीरडेन ने 36 रन बनाये लेकिन इससे वह हार का अंतर ही कम कर पाये।

इससे पहले भारतीय टीम ने 11 रन के स्कोर पर सलामी बल्लेबाजों अंगकृष रघुवंशी (पांच) और हरनूर सिंह (एक) के विकेट गंवा दिये थे। धुल और शेख राशिद (31) ने तीसरे विकेट के लिये 71 रन की साझेदारी कर टीम को संभाला।

धुल अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे, उन्होंने रन आउट होने से पहले 100 गेंद की अपनी पारी में 11 चौके लगाये। उन्होंने एक छोर संभाले रखा। इस बीच निशांत सिंधू ने 25 गेंद में 27 रन की उपयोगी पारी खेली लेकिन ज्यादा देर तक क्रीज पर नहीं टिक सके।

राज बावा (13) और धुल के आउट होने के बाद कौशल ताम्बे ने जिम्मेदारी संभाली तथा 35 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। दक्षिण अफ्रीका के लिये मैथ्यू बोस्ट ने तीन जबकि अपाइव मयांडा और ब्रेविस ने दो-दो विकेट लिये।(भाषा)



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