3 मार्च का दिन श्रीलंका क्रिकेट टीम के लिए 2 बड़ी घटनाओं का गवाह आज भी है

Last Updated: मंगलवार, 3 मार्च 2020 (16:42 IST)
नई दिल्ली। क्रिकेट के इतिहास में के दिन का खास महत्व है। साल के तीसरे महीने का यह तीसरा दिन इस खेल की 2 बड़ी घटनाओं का गवाह है। 3 मार्च 2006 को श्रीलंका के स्पिन गेंदबाज ने अपना मैच खेलते हुए अपना हासिल किया था। यह कारनामा करने वाले मुरलीधरन दुनिया के पहले गेंदबाज बने।
यह इत्तेफाक है कि इस दिन की दूसरी घटना में भी श्रीलंका की भागीदारी रही। 3 मार्च 2009 को के लाहौर में मैच खेलने जा रही श्रीलंका की की बस पर हथियारबंद लोगों ने गोलियाँ चलाईं। श्रीलंका की टीम दोनों देशों के बीच खेले जा रहे श्रृंखला के दूसरे के तीसरे दिन के खेल के लिए स्टेडियम की तरफ जा रही थी, जब बस को निशाना बनाया गया। घटना के बाद मैच रद्द कर दिया गया।
देश दुनिया के इतिहास में 3 मार्च की तारीख पर दर्ज अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा इस प्रकार है:-

1839 : जमशेदजी एन टाटा का जन्म।

1919 : मराठी के प्रसिद्ध लेखक हरि नारायण आप्टे का निधन।

1943 : महात्मा गांधी ने 21 दिन से चली आ रही अपनी भूख हड़ताल को समाप्त करने का फैसला किया।

1966 : बीबीसी ने अगले वर्ष से रंगीन टेलीविजन प्रसारण की अपनी योजना का ऐलान किया। 1971 : ऐसी खबर मिली कि चीन ने अपना दूसरा भू उपग्रह अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया है।
1974 : तुर्की एयरलाइंस का जेट विमान डीसी 10 अंकारा से लंदन जाते हुए पेरिस के नजदीक दुर्घटनाग्रस्त। हादसे में विमान में सवार सभी 345 लोगों की मौत। 2005 : अमेरिका के रोमांच प्रेमी स्टीव फोसेट ने 67 घंटे तक लगातार बिना रूके उड़ान भरकर पृथ्वी का चक्कर पूरा किया। इस दौरान उन्होंने विमान में ईंधन भी नहीं भरा।

2006 : श्रीलंका के बल्लेबाज मुथैया मुरलीधरन ने अपना 100वां टेस्ट मैच खेलते हुए अपना 1000वां अन्तरराष्ट्रीय विकेट हासिल किया। वह यह कारनामा अंजाम देने वाले दुनिया के पहले गेंदबाज।
2009 : पाकिस्तान के लाहौर में मैच खेलने जा रही श्रीलंका की टीम की बस पर हथियारबंद हमलावरों ने गोलियां चलाईं।


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