टी-20 विश्वकप के 7 महीने बाद भी घरेलू पिच पर लगातार क्रिकेट खेलेगी टीम इंडिया, पढ़े शेड्यूल

Last Updated: सोमवार, 20 सितम्बर 2021 (20:17 IST)
नई दिल्ली: टीम नवंबर 2021 से जून 2022 के बीच घरेलू सरजमीं पर चार टेस्ट, 14 टी20 अंतरराष्ट्रीय और महज तीन एकदिवसीय मैच खेलेगी।

भारतीय क्रिकेट बोर्ड बीसीसीआई के द्वारा घोषित कार्यक्रम के मुताबिक आठ महीने की इस अवधि में (नवंबर-दिसंबर) वेस्टइंडीज (फरवरी 2022), श्रीलंका (फरवरी-मार्च 2022) और दक्षिण अफ्रीका (जून 2022) की टीमें भारत का दौरा करेंगी।

बीसीसीआई ने 2021-22 अंतरराष्ट्रीय घरेलू सीजन का शेड्यूल जारी किया। भारत का अंतरराष्ट्रीय घरेलू सत्र 17 नवंबर को जयपुर में न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की टी-20 सीरीज के साथ शुरू होगा। 14 नवंबर को समाप्त होने वाले टी-20 विश्व कप के बाद टी-20 अंतरराष्ट्रीय में भारत की कप्तानी छोड़ने के विराट कोहली के फैसले के बाद यह श्रृंखला एक नए युग की शुरुआत को चिह्नित करेगी।

भारतीय टीम इसके बाद कानपुर और मुंबई में मौजूदा विश्व टेस्ट चैंपियन न्यूजीलैंड के खिलाफ दो टेस्ट मैच खेलेगी। यह 2016 के बाद से न्यूजीलैंड का भारत का पहला टेस्ट दौरा होगा, तब भारत 3-0 से हार गया था। इसके बाद भारत बेंगलुरू (1 से 5 मार्च) और मोहाली (9 से 13 मार्च) में दो और टेस्ट खेलेगा, जिसमें वह श्रीलंका से भिड़ेगा। फिर दोनों के बीच मोहाली, धर्मशाला और लखनऊ में तीन मैचों की टी-20 सीरीज खेली जाएगी।

श्रीलंका की मेजबानी से पहले भारत छह सफेद गेंद मैचों के लिए वेस्ट इंडीज की मेजबानी करेगा। दोनों के बीच अहमदाबाद में छह फरवरी को तीन मैचों की वनडे सीरीज शुरू होगी, जबकि 15 फरवरी को पहला टी-20 मुकाबला खेला जाएगा। 20 फरवरी को त्रिवेंद्रम में तीसरे और आखिरी टी-20 मैच के साथ वेस्ट इंडीज का भारत दौरा खत्म होगा।

श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट और तीन टी-20 मुकाबलों के बाद भारतीय टीम अंत में पांच मैचों की टी-20 सीरीज के लिए दक्षिण अफ्रीका की मेजबानी करेगी। चेन्नई में नौ जून को पहला मुकाबला खेला जाएगा, जबकि दिल्ली में 19 जून को आखिरी मैच होगा।

न्यूजीलैंड और श्रीलंका की मेजबानी के बीच भारत तीनों प्रारूपों (टेस्ट, वनडे, टी-20) के लिए दक्षिण अफ्रीका का दौरा करेगा, जो 17 दिसंबर को शुरू होगा और 26 जनवरी को समाप्त होगा। भारतीय टीम इस दौरे पर तीन टेस्ट, तीन वनडे और चार टी-20 मुकाबले खेलेगी।



बीसीसीआई के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘हमने 14 टी20 अंतरराष्ट्रीय इस लिए रखे हैं क्योंकि एक साल के अंदर ऑस्ट्रेलिया में एक और विश्व कप होना है। उस बड़े आयोजन से पहले हमें पर्याप्त संख्या में मैच खेलने की जरूरत है।’’

रोटेशन नीति के तहत सीमित ओवरों के 17 मैचों के स्थल का चयन किया गया है जिसमें जयपुर, रांची, लखनऊ, विशाखापट्टनम, कोलकाता, अहमदाबाद, कटक, त्रिवेंद्रम, चेन्नई, राजकोट, दिल्ली को मेजबानी का मौका मिलेगा।

घरेलू क्रिकेटरों को मुआवजे के साथ-साथ पहले से ज्यादा मैच फीस देगा बीसीसीआई

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) कोरोना महामारी के कारण रद्द हुए 2020-21 रंजी ट्रॉफी और सीनियर महिला टी-20 सत्र के लिए घरेलू क्रिकेटरों को मुआवजे के तौर पर 50 प्रतिशत मैच फीस देगा। इसके अलावा अब घरेलू क्रिकेटरों को प्रत्येक मैच के लिए पहले से ज्यादा मैच फीस मिलेगी।

बीसीसीआई ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए हुई अपनी नौवीं एपेक्स काउंसिल की बैठक में ये फैसले लिए हैं। इसके तहत बीसीसीआई के 2019-20 घरेलू क्रिकेट सत्र में भाग लेने वाले क्रिकेटरों को कोरोना के कारण रद्द हुए 2020-21 सीजन के मुआवजे के तौर पर 50 फीसदी मैच फीस का भुगतान किया जाएगा। वहीं 20 मैच तक प्लेइंग इलेवन (एकादश) में रहने वाले सीनियर पुरुष घरेलू क्रिकेटरों को अब प्रत्येक मैच के लिए 40 हजार रुपए फीस दी जाएगी, जबकि रिजर्व खिलाड़ियों को 20 हजार रुपए मिलेंगे। 21 से 40 मैचों के लिए एकादश और रिजर्व खिलाड़ियों को क्रमश: 50 हजार और 25 हजार रुपए दिए जाएंगे। 40 से ऊपर मैच खेलने की स्थिति में क्रमश: 60 हजार और 30 हजार फीस दी जाएगी। इससे पहले 20 मैचों तक एकादश में खेलने वाले खिलाड़ियों को 35 हजार और रिजर्व खिलाड़ियों को 17500 रुपए दिए जाते थे।

इसी तरह अंडर-23, अंडर-19 और अंडर-16 श्रेणियों में भी अब पहले से ज्यादा मैच फीस मिलेगी। सीनियर महिला घरेलू क्रिकेटरों की बात करें तो पहले एकादश में खेलने वाली सीनियर खिलाड़ियों को 12500 रुपए मैच फीस दी जाती थी, जबकि रिजर्व खिलाड़ियों को 6250 रुपए मिलते थे, जिसे अब बढ़ा कर क्रमश: 20 हजार और 10 हजार रुपए कर दिया गया है। इसी तरह अंडर-23, अंडर-19 और अंडर-16 महिला घरेलू खिलाड़ियों की भी मैच फीस बढ़ाई गई है।



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