स्टीव वॉ ने ऑस्ट्रेलया में डे नाइट टेस्ट खेलने के लिए तैयार होने पर भारत की सराहना की

पुनः संशोधित सोमवार, 17 फ़रवरी 2020 (20:54 IST)
बर्लिन। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान स्टीव वॉ ने मौजूदा दौर के दिग्गज क्रिकेटरों से को अपनाने की मांग करते हुए ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गुलाबी गेंद से टेस्ट खेलने की चुनौती को स्वीकार करने के लिए भारतीय टीम की तारीफ की।

ने पिछले साल नवंबर में बांग्लादेश के खिलाफ कोलकाता में अपना पहला डे नाइट टेस्ट खेला था। टीम ने इस मैच में काफी समय बाकी रहते हुए आसान जीत दर्ज की थी।

अध्यक्ष सौरव गांगुली ने रविवार को इस बात की पुष्टि की कि भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया दौरे पर डे नाइट टेस्ट खेलेगी। वॉ ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में डे नाइट टेस्ट खेलने का अनुभव यादगार होगा।

उन्होंने कहा, ‘यह शानदार मौका होगा, ऑस्ट्रेलिया में डे नाइट टेस्ट खेलने का अनुभव हमेशा यादगार रहेगा। इसमें यहां शानदार माहौल रहता है। यह नई तरह की चुनौती है और मैं चहूंगा की मौजूदा दौर के बड़े खिलाड़ी इसे स्वीकार करें।’ लारेस अकादमी के सदस्य वॉ ने कहा कि डे नाइट का टेस्ट इस खेल के लिए अच्छा है।

उन्होंने कहा, ‘अगर आप डे नाइट क्रिकेट में शतक लगाते हैं या पांच विकेट लेते हैं तो यह इतिहास का हिस्सा होगा। यह इस पर निर्भर करता है कि आप इस चुनौती को कैसे स्वीकार करते हैं। मैं इस बात को लेकर आश्वस्त हूं कि भारतीय टीम इसे चुनौती के तौर पर देखेगी। यह विश्व क्रिकेट के लिए अच्छा है और खुश हूं कि भारत ने इसके लिए हामी भरी।’

भारतीय तेज गेंदबाजों ने पिछले कुछ समय में शानदार गेंदबाजी की है जिससे टीम ने विदेशों में अच्छा प्रदर्शन किया। वॉ से जब भारतीय तेज आक्रमण के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अपनी घरेलू परिस्थितियों में दोनों टीमें सबसे मजबूत है।

वॉ ने कहा, ‘भारत में जब क्रिकेट खेला जाता है तो उनकी गेंदबाजी दुनिया में सबसे सर्वश्रेष्ठ रहती है लेकिन ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज ऑस्ट्रेलिया में खतरनाक है। भारतीय टीम जब ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर आएगी तब घरेलू टीम का पलड़ा थोड़ा भारी रहेगा। लेकिन दोनों टीमों को पता है कि उनके पास 20 विकेट चटकाने की क्षमता है।’

वॉ ने इस मौके पर तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की तारीफ करते हुए उन्हें भारत के लिए ‘अविश्वसनीय कौशल’ करार दिया। उन्होंने कहा, ‘वह असाधारण है। उसके पास अलग तरीके का कौशल है। यह अच्छी बात है कि उसने कोच से प्रशिक्षण नहीं लिया क्योंकि कोच उसे तेज दौड़ने की सलाह देते। उन्होंने उसे नैसर्गिक रहने दिया जो शानदार है।’

इस पूर्व कप्तान ने कहा, ‘वह भारत के लिए अविश्वसनीय प्रतिभा है, जिसके पास क्षमता, सटीकता और गति सबकुछ है। उसकी मानसिकता भी अच्छी है। उसे चुनौती स्वीकार है और उसे आक्रमण की अगुवाई करना पसंद है। कोहली भाग्यशाली हैं कि उनके पास ऐसा गेंदबाज है।’


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