शिखर को ऐसे हो गया था अपने से 10 साल बड़ी तलाकशुदा आयशा से प्यार

Last Updated: मंगलवार, 7 सितम्बर 2021 (23:59 IST)
और आयशा मुखर्जी की 7 साल पुरानी शादी अब टूट चुकी है। उनकी पत्नी आयशा ने इसकी जानकारी एक लंबे इंस्टाग्राम पोस्ट डालकर दी है। आपको जानकर हैरानी होगी कि दोनों का प्रेम विवाह हुआ था। यही नहीं जब लोग कहते हैं कि प्यार अंधा होता है तो वह सच ही है क्योंकि शिखर को अपने से 10 साल बड़ी तलाकशुदा आयशा से प्यार हो गया था। यह प्यार कुछ ऐसे परवान चढ़ा। > आयशा के क्रिकेट का शौक शिखर के करीब लाया> शिखर धवन की जीवन संगिनी का नाम  आयशा मुखर्जी। यह एक तरह से लव कम अरेंज मैरिज थी। आयशा ऑस्ट्रेलिया के खूबसूरत शहर मेलबोर्न में रहती है। उसे क्रिकेट देखने का शौक था और यही कारण है कि आयशा को यह शौक शिखर के धवन के नजदीक ले आया। हालांकि वह शौकिया रूप से मुक्केबाजी करती है लेकिन इस खेल में कभी करियर बनाने का विचार उसके मन में नहीं आया।

जन्म ऑस्ट्रेलिया में लेकिन आयशा का दिल था हिंदुस्तानी

आयशा की फैमेली भी अनोखी है। पिता हिंदुस्तानी बंगाली हैं और मां अंग्रेज। दोनों की भी लव मैरिज हुई और आयशा का जन्म भी ऑस्ट्रेलिया में ही हुआ। आयशा भले ही ऑस्ट्रेलिया में रहती है लेकिन उसका दिल हिंदुस्तान के लिए धड़कता है। पहले तो सिर्फ उसे अपने वतन से प्यार था लेकिन अब तो उसके लिए शिखर ही सब कुछ थे।

हरभजन सिंह ने मिलाया था दोनों को

आयशा मुखर्जी शिखर धवन की खुद की खोज नहीं हैं। दरअसल इसके पीछे और कोई है जिसने इन्हें मिलाया। दरअसल पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह की दोस्त हैं आयशा। हरभजन सिंह जब भी भारतीय टीम के साथ ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर जाते थे तो आयशा से जरूर मिलते थे।

दोस्ती बदली प्यार में

एक बार आयशा हरभजन सिंह से मिलने के लिए आ गई और हरभजन ने अपने मित्र शिखर धवन का उससे परिचय करवा दिया। इसके बाद तीनों एक अच्छे दोस्त बन गए। यह बात और है कि पहली ही मुलाकात में शिखर और आयशा एक दूसरे को अपना दिल दे बैठे थे।

आयशा ऑस्ट्रेलिया में ही रह गई और शिखर भारत आ गए लेकिन वे अपना दिल आयशा के पास छोड़ आए थे। प्यार की दीवानगी भी अपने आप में कोई कम नहीं होती और यही हाल शिखर का था। आयशा की बेकरारी ने उन्हें इतना दीवाना बना दिया था कि न दिन को चैन था और न रातों को नींद आती थी।

शिखर ने आयशा के लिए बंगाली मेें किया प्रपोज

जैसे जैसे वक्त बीत रहा था दोनों के बीच प्यार भी और प्रगाढ़ होता जा रहा था। शिखर धवन के साथ सबसे बड़ी समस्या यह थी कि आयशा को बंगाली आती थी और शिखर को पंजाबी। अंग्रेजी में बातचीत ही इन दोनों के बीच का पुल होती थी। चूंकि आयशा बंगाली परिवार से लिहाजा बंगाली भाषा से सबसे पहले प्यार होना स्वाभाविक है।

अब शिखर के सामने दिक्कत यह थी कि इतने कम समय में वे बंगाली के कुछ शब्द ही सीख पाए लेकिन बंगाली में लिखना तो उनके लिए आसमान में छेद करने जैसा था। शिखर ने इसका भी तोड़ ढूंढ निकाला। एक बार वे मैच के दर्मियान होटल में ठहरे थे और होटल के कर्मचारी को पटा लिया। उससे अपनी मुहब्बत भरा पैगाम आयशा को बंगाली में टाइप करवाकर उसे एसएमएस के जरिये भेज दिया। फिर क्या था आयशा को बंगाली में लिखा एसएमएस इतना पसंद आया कि इसकी बार बार मांग होने लगी।

शिखर धवन की बॉडी लैंग्वेज बता रही थी कि वो किसी के साथ इंगेज हो गए हैं। साथी क्रिकेटर अकसर उन्हें ताना देते थे लेकिन किसी को यह पता नहीं था कि वे अपना दिल ऑस्ट्रेलिया में बैठी किस लड़की को दे चुके हैं।

शिखर और आयशा के बीच प्रेम कहानी धीरे धीरे आगे बढ़ रहीं थी लेकिन कहते हैं ना इश्क और मुश्क छुपाए नहीं छुपता। शिखर ने भी अपने दोस्तों तानों से आजीज होकर आईपीएल के पांचवें संस्करण के दौरान अपने प्रेम प्रसंग का खुलासा कर दिया। उन्होंने दोस्तों को बता दिया है कि लड़की का नाम आयशा है। पिता बंगाली हैं और मां अंग्रेज।चूंकि आयशा के बंगाली पिता मिस्टर मुखर्जी चाहते थे कि शादी हिंदुस्तान में हो लिहाजा वे भारत आए।

शिखर के परिवार को थी रिश्ते से आपत्ति

आयशा शिखर धवन से 10 साल बड़ी थी, यह नहीं वह पहले से तलाकशुदा थी और उनकी 2 बेटियां भी होने के कारण शिखर धवन के परिवार वालों को इस रिश्ते से आपत्ति थी।बेटे के जिद के आगे परिवार वालों की नहीं चली और शादी के लिए हां हो गई।

30 अक्टूबर 2012 का वह पावन दिन था जब शिखर और आयशा दिल्ली के एक गुरुद्वारे में हमेशा हमेशा के लिए 'एक दूजे' के हो गए। बाद में शानदार रिसेप्शन हुआ, जिसमें विराट कोहली से लेकर शिखर के सबसे खास दोस्त मुंबई के रोहित शर्मा भी पधारे।

वास्तव में शिखर का चयन 2012 में इंडिया 'ए' टीम में हो गया था। उन्होंने बीसीसीआई से शादी करने की छुट्‍टी मांगी जो मंजूर हो गई। शिखर चूंकि मोने पंजाबी है लिहाजा पंजाबी रिवाज से ही शादी की रस्में निभाई गईं। हां, शादी के वक्त उन्होंने क्रीम कलर की शेरवानी पहनी और सरदारों जैसा साफा भी पहना। शादी के वक्त वे बिलकुल भी पहचान में नहीं आ रहे थे। लग रहा था कि किसी सरदारजी का विवाह किसी अंग्रेज लड़की से हो रहा है जिसने बाकायदा अपने हाथ सुर्ख मेंदरी से रचे हैं।

शिखर धवन की शादी क्या हुई, उनके भाग्य पर लगा ताला भी खुल गया। 'लेडी लक' ने अपना चमत्कार दिखाया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारतीय टीम का चयन था। राष्ट्रीय चयनकर्ताओं ने युवराज सिंह और सुरेश रैना जैसे सितारों के बजाय शिखर धवन को तरजीह दी। ऑस्ट्रेलिया जैसी धांकड़ टीम के सामने शिखर को बतौर सलामी बल्लेबाजी की चुनौती को स्वीकार करना था।

मोहाली में पहला टेस्ट मैच खेला गया और पहली पारी में 187 रन ठोंककर उन्होंने अपने चयन को सार्थक भी कर दिखाया। हां बल्लेबाजी के दौरान उनके हाथ में जरूर गंभीर चोट आई जिसकी वजह से वे 6 महीने तक क्रिकेट का बल्ला नहीं उठा सके। वैसे अब वे अकेले नहीं थे और उनके पास आयशा जैसी जीवन संगिनी थी जो उनका दर्द बांटने में लगी थी।

कुछ समय से दोनों के रिश्तों में आ गई थी खट्टास

लंबे समय से दोनों के रिश्तों में खट्टास की खबरें आती थी लेकिन अब दोनों ने एक दूसरे को सोशल मीडिया पर अनफोलो भी कर दिया है।शिखर धवन और आयशा मुखर्जी का एक बेटा भी है जिसका नाम जोरावर है। पहले पति से आयशा की दो बेटियां भी है।

आयशा की पहली शादी ऑस्ट्रेलियाई बिजनेसमैन से हुई थी। उनकी पहली बेटी का जन्म साल 2000 में हुआ था और दूसरी बेटी का जन्म साल 2005 में हुआ था। पहली बेटी का नाम आलिया जबकि दूसरी बेटी का नाम रिया है।



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