3 तेज गेंदबाजों के पेंच में उलझी भारत और इंग्लैंड की टीमें

Last Updated: शनिवार, 20 फ़रवरी 2021 (14:58 IST)
अहमदाबाद: और की सीरीज बेहद रोमांचक मोड़ पर है। पहला टेस्ट इंग्लैंड ने 227 रनों से जीता तो दूसरा टेस्ट भारत ने 317 रनों से जीता। दोनों ही टीमों की निगाहें आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप पर हैं। बचे दो टस्टे का प्रदर्शन यह निर्णय करेगा कि कौन सी टीम आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में जाएगी।

तीसरा टेस्ट के नवनिर्मित में खेला जाना है। यह टेस्ट डे नाइट होगा जो गुलाबी गेंद से खेला जाएगा। इस स्टेडियम में फ्लड लाइट की जगह एलईडी लाइट्स लगी होगी जिससे गुलाबी गेंद साफ नजर आएगी।
हालांकि एक चीज दोनों ही टीम के कप्तानों को साफ नहीं हो पा रही है वह यह कि डे नाइट टेस्ट, नई पिच और गुलाबी गेंद अगर है तो क्या 2 की जगह 3 तेज गेंदबाज टीम को खिलाने चाहिए।


चेन्नई की पिच तो स्पिन की मददगार थी लेकिन अहमदाबाद की यह नयी पिच है। 10 में से 8 नई पिचे तेज गेंदबाजों को मदद करती हैं। वहीं गुलाबी गेंद स्पिनरों से ज्यादा तेज गेंदबाजों को मदद करती है। ऐसे में टीम इंडिया और इंग्लैंड की टीम दुविधा में है।
इंग्लैंड से ज्यादा यह टीम इंडिया के लिए ज्यादा बड़ी दुविधा है क्योंकि इंग्लैंड के पास तेज गेंदबाज वाला ऑलराउंडर है (बेन स्टोक्स ), वहीं भारतीय टीम के पास सारे ऑलराउंडर स्पिन गेंदबाज वाले हैं, चाहे अक्षर पटेल या फिर आर अश्विन।

शाम को तो गुलाबी गेंद स्विंग हो सकती है। ऐसे में अगर टीम के पास तेज गेंदबाजी के बेहतर विकल्प हो तो सामने वाली टीम पर दबाव बनाया जा सकता है। हालांकि अब तक जो खबरें आ रही है वह यह है कि अहमदाबाद की पिच भी चेन्नई की तरह टर्निंग बनाई है।

लेकिन गुलाबी गेंद से स्पिन गेंदबाज टर्निंग पिच पर कितने असरदार साबित होते हैं यह तो मैदान पर ही पता चलेगा। फिलहाल कप्तान कोहली और इस मसले को लेकर चिंतन मनन कर रहे हैं।

यह समस्या कप्तानों के सामने सिर्फ तीसरे टेस्ट के लिए हैं अहमदाबाद में होने वाले चौथे टेस्ट में तो फिर दिन की रोशनी में एसजी गेंद से ही टेस्ट खेला जाना है तो टीम कॉम्बिनेशन को लेकर दोनों ही टीमों को कोई माथापच्ची नहीं करनी पड़ेगी। (वेबदुनिया डेस्क)



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