तीसरे टेस्ट में भारत-इंग्लैंड के लिए नए माहौल में ढलने की रहेगी चुनौती

Last Updated: मंगलवार, 23 फ़रवरी 2021 (16:26 IST)
और की टीमें बुधवार को विश्व के में भिड़ेगी। 1-1 की बराबरी पर रही इस सीरीज में रोमांचक मोड़ आएगा ऐसा सभी क्रिकेट फैंस और विशेषज्ञ मान रहे हैं। दोनों ही कप्तानों को नए माहौल में क्रिकेट खेलना होगा।


भारत अपना दूसरा दिन रात्रि टेस्ट आयोजित कर रहा है। ज्यादा स्विंग लेती है और इसमें लाल गेंद के मुकाबले ज्यादा तेजी रहती है। दोनों टीमों ने पहले दो टेस्टों में अपने गेंदबाजों के दम पर जीत हासिल की थी और मोटेरा में भी कुछ ऐसा ही हो सकता है। गुलाबी गेंद से टेस्ट मैचों का इतिहास छह साल पुराना है और इन टेस्टों में तेज गेंदबाजों का दबदबा रहा है। दुनिया भर में खेले गए दिन रात्रि टेस्ट मैचों में तेज गेंदबाजों ने 24.47 के औसत से 354 विकेट लिए हैं जबकि स्पिनरों ने 35.38 के औसत से 115 विकेट लिए हैं।
नया मैदान, नया माहौल, गुलाबी गेंद, शाम की ओस इन समस्याओं से दोनों ही टीमों के कप्तान विराट कोहली और जो रूट को दो दो हाथ करने पड़ेंगे। यही नहीं इन सब से जूझने से पहले प्लेइंग 11 की समस्या को सुलझाना होगा क्योंकि दोनों ही टीमों के पास विकल्पों की भरमार है।

खासकर भारत के पास, जिसके पास स्पिनर और तेज गेंदबाजों के काफी विकल्प है। क्योंकि गेंद गुलाबी है तो तेज गेंदबाजों को मदद मिलेगी, लेकिन पिच स्पिन गेंदबाजों के मुताबिक बनाई गई है। ऐसे में सही कॉम्बिनेशन चुनना सबसे बड़ा काम होगा।

इस मैच में दोनों टीमों के लिए गेंदबाजी संतुलन चुनना सबसे बड़ी चुनौती रहेगी। मुश्ताक अली ट्रॉफी के मैचों में स्पिनरों को भी फायदा मिला था, इसे देखते हुए दोनों टीमें तेज और स्पिन आक्रमण का सही संतुलन ढूंढेंगी।
3 तेज गेंदबाज और 2 स्पिनर या फिर 2 तेज गेंदबाज और 3 स्पिनर के साथ ही जाया जाए। कोहली के लिए यह निर्णय लेना बहुत ही मुश्किल होगा। उमेश यादव का गुलाबी गेंद से अच्छा प्रदर्शन है इस कारण उनकी जगह पक्की मानी जा रही है। बुमराह मैच खेलेंगे ही । ऐसे में इशांत या सिराज की जगह कोई एक टीम में होगा।

गुलाबी गेंद से इशांत का 1 मैच का अनुभव है इस कारण हो सकता है सिराज को तीसरे टेस्ट से बाहर बैठना पड़े। वहीं एक स्पिनर को अगर बाहर बैठाना है तो शायद कोहली कुलदीप को ही बाहर बैठाएंगे।

इंग्लैंड के लिए भी यह समस्या का विषय है लेकिन भारत से कम क्योंकि उनके पास पहले से ही तेज गेंदबाजी करने वाला ऑलराउंडर बेन स्टोक्स मौजूद है। इंग्लैंड को यह तय करना पड़ेगा कि जोफ्रा आर्चर को खिलाना है या नहीं क्योंकि उनकी जगह दूसरे टेस्ट में आए ओली स्टोन ने अच्छी गेंदबाजी करी थी। जेम्स एंडरसन का खेलना लगभग तय है।

वहीं बल्लेबाजों में भारत की तरफ से कोई बदलाव देखने को नहीं मिल सकता। इंग्लैंड अपनी रोटोशन पॉलिसी को लेकर अड़ी हुई है। इस कारण चोट से उबर चुके जैक क्राउली की वापसी संभव है और जॉनी बेरेस्टो को विकेट के पीछे की जिम्मेदारी मिल सकती है। दोनों टेस्ट में फीके रहे डॉन लॉरेंस को बाहर बैठाया जा सकता है और जॉनी के आने से बेन फॉक्स को बाहर बैठना पड़ सकता है।
पिच के बारे में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। हालांकि 10 में से 8 नई पिचें तेज गेंदबाजी के लिए मददगार रहती है। शाम के वक्त गेंद कैसे हिलती है। अगर ओस पड़ती है तो स्पिनर इससे कैसे प्रभावित होते हैं इन सबके जवाब दोनों ही कप्तान को कल से देने होंगे। (वेबदुनिया डेस्क)



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