असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के लिए PhD की अनिवार्यता खत्म, NET एग्जाम होगा मिनिमम क्वालिफिकेशन
Assistent professor : यूनिवर्सिटी ग्रांट कमिशन (यूजीसी) ने देश के केंद्रीय विश्वविद्यालय में सीधी भर्ती के लिए PhD की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। अब नेट, सेट या स्लेट पास व्यक्ति भी असिसटेंट प्रोफेसर बन सकेगा। नए नियम एक जुलाई 2023 से लागू हो गए।
शिक्षकों की कमी को देखते हुए यूजीसी ने जून 2021 में 2 साल के लिए भर्ती में पीएचडी की अनिवार्यता को खत्म किया था। अब इसी स्थिति को लागू करते हुए भर्ती का नया नियम बना दिया गया है।
यूजीसी के चेयरमैन प्रोफेसर एम जगदीश कुमार ने ट्वीट करके दी। उन्होंने कहा कि अब असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में योग्यता नियुक्ति के लिए वैकल्पिक होगी। ये व्यवस्था एक जुलाई 2023 से लागू हो गई है। सभी उच्च शिक्षा संस्थाओं के लिए असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर सीधी भर्ती के लिए NET/SET/SLET ही न्यूनतम मापदंड कहलाएंगे।
उन्होंने यूजीसी के गजट नोटिफिकेशन को भी अपने ट्विटर अकाउंट में साझा किया है।Is Ph.D. Mandatory for the post of Assistant Professor in Universities and Colleges? What UGC says? Can institutions raise the shortlisting criteria? pic.twitter.com/tZsh98ZQ1c
— UGC INDIA (@ugc_india) July 5, 2023
Edited by : Nrapendra Gupta
