Last Modified: लंदन ,
रविवार, 3 जून 2007 (18:20 IST)
अँगरेजी सिखाने पर 88 अरब रु. खर्च
अँगरेजों के गढ़ में अँगरेजी नहीं आना ब्रिटिश सरकार के लिए सिरदर्द हो गया है। सरकार हर साल अनुवादकों पर 1000 लाख पौंड यानी करीब 88000 लाख रु. खर्च करती है। सरकार ने आदेश दिया है कि इस खर्च की समीक्षा की जाए। जबकि अँगरेजी सिखाने पर ब्रिटेन में 88 अरब रु. खर्च कर दिए जाते हैं।
दरअसल ब्रिटेन का राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा ट्रस्ट हर साल अनुवाद पर 550 लाख पौंड और कोर्ट और पुलिस अनुवाद पर 313 लाख पौंड खर्च करता है। इसी तरह स्थानीय प्रशासन का खर्च इसी मद पर 250 लाख पौंड का होता है। कुल मिलाकर अनुवाद पर ही सरकार का 1000 लाख पौंड खर्च हो जाता है।
नहीं सीखेंगे... : कई आलोचकों का कहना है कि इस तरह सरकार खर्च करती रहती है तो समुदाय भी एकीकार नहीं हो पाते हैं और उन्हें अँगरेजी नहीं सीखने का अच्छा बहाना मिल जाता है।
दूसरी ओर मंत्री हैं, जो विदेश से आने वाले लोगों से कह रहे हैं कि वे अपनी मातृभाषा बोलते रहें। उन्हें अँगरेजी सीखने की जरूरत नहीं है। जहाँ तक सरकारी सुविधाओं के उपयोग की बात है तो उसकी व्यवस्था सरकार कर देगी। लेबर पार्टी के सांसद श्री फिलिप्स वूलास का कहना है कि सरकार को चाहिए कि वह इस स्थिति का अध्ययन करे, क्योंकि करीब 88 अरब रु. तो अँगरेजी सिखाने पर खर्च कर दिए जाते हैं।