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Last Modified: नई दिल्ली , गुरुवार, 27 फ़रवरी 2025 (22:00 IST)

बस 1 साल का इंतजार, अमेरिका, चीन, जर्मनी को इस सेक्टर में पीछे छोड़ देगा भारत

बस 1 साल का इंतजार, अमेरिका, चीन, जर्मनी को इस सेक्टर में पीछे छोड़ देगा भारत - india to become worlds 3rd largest consumer market by 2026 surpassing germany logs faster private consumption than us china
देश में निजी उपभोग 2013 के 1,000 अरब अमेरिकी डॉलर से करीब दोगुना होकर 2024 में 2,100 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया है। यह सालाना 7.2 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है, जो अमेरिका, चीन और जर्मनी से अधिक है। डेलॉयट इंडिया द्वारा गुरुवार को रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के साथ मिलकर जारी की गई भारत का बदलता विवेकाधीन खर्च: ब्रांड के लिए महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा गया, 2026 तक दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार बनने की राह पर आगे बढ़ते हुए भारत जनसांख्यिकीय लाभांश का लाभ उठाने के लिए अच्छी स्थिति में है।
 
रिपोर्ट में कहा गया है कि जर्मनी को पीछे छोड़ते हुए भारत की निजी खपत 2013 के 1,000 अरब डॉलर से लगभग दोगुनी होकर 2024 में 2,100 अरब डॉलर हो गई है। भारत की खपत 2013-23 के दौरान 7.2 प्रतिशत की सालाना दर से बढ़ी है, जो चीन, अमेरिका और जर्मनी से अधिक है।
 
इसमें कहा गया कि वर्ष 2030 तक 10,000 अमेरिकी डॉलर से अधिक कमाने वाले भारतीयों की संख्या करीब 3 गुना हो जाने की उम्मीद है, जो वर्ष 2024 के 6 करोड़ से बढ़कर 2030 में 16.5 करोड़ हो जाएगी। यह देश के मध्यम वर्ग की महत्वपूर्ण वृद्धि और विवेकाधीन खर्च की ओर एक मौलिक बदलाव को दर्शाता है।
 
डेलॉयट इंडिया के भागीदार आनंद रामनाथन ने कहा कि भारत का उपभोक्ता परिदृश्य मौलिक परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। विवेकाधीन व्यय में वृद्धि, डिजिटल कॉमर्स का विस्तार और ऋण तक बढ़ती पहुंच ब्रांड से जुड़ाव के नियमों को फिर से परिभाषित कर रही है।
 
रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आरएआई) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) कुमार राजगोपालन ने कहा कि भारत का विवेकाधीन व्यय वृद्धि के एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है, जो बढ़ती आय, डिजिटल की स्वीकार्यता और विकसित होती उपभोक्ता प्राथमिकताओं से प्रेरित है।
 
उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे संगठित खुदरा और नए वाणिज्य मॉडल का विस्तार होगा, इन प्रवृत्तियों के साथ तालमेल बैठाने वाले व्यवसायों को विकास व नवाचार के लिए अपार अवसर मिलेंगे। (भाषा)