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नोटबंदी में इसलिए नहीं दिखाई पारदर्शिता, जेटली ने खोला राज...

Updated: बुधवार, 11 अक्टूबर 2017 (14:50 IST)
वाशिंगटन। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सरकार के नोटबंदी के फैसले को गोपनीय रखने का बचाव करते हुए कहा कि इसकी घोषणा में यदि पारदर्शिता बरती जाती तो यह धोखाधड़ी की बड़ी वजह बनता।
 
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक की वार्षिक बैठक में शामिल होने के लिए अमेरिका की एक सप्ताह की यात्रा पर आए जेटली ने कहा कि नोटबंदी और माल एवं सेवाकर (जीएसटी) जैसे सुधारों ने भारतीय अर्थव्यवस्था को और अधिक मजबूत रास्ते पर ला दिया है।
 
न्यूयॉर्क में कोलंबिया विश्वविद्यालय के छात्रों को संबोधित करते हुए जेटली ने कहा कि यह संस्थागत सुधार हैं। यह ढांचागत बदलाव हैं और ये ढांचागत बदलाव मेरे हिसाब से भारतीय अर्थव्यवस्था को अधिक मजबूत रास्ते पर ले आए हैं। अब हम भविष्य में भारतीय अर्थव्यवस्था को अधिक साफ-सुथरी और बड़ी बनाने की ओर आगे बढ़ सकते हैं।
 
उन्होंने कहा कि नोटबंदी की पहले ही घोषणा कर देने से लोग अपने पास उपलब्ध नकदी से सोना, हीरा और जमीन खरीद सकते थे तथा विभिन्न तरह के लेन-देन कर सकते थे।
 
जेटली ने कहा, 'पारदर्शिता बहुत अच्छा शब्द है। लेकिन इस मामले (नोटबंदी) में पारदर्शिता को अपनाना धोखाधड़ी का बड़ा साधन बन सकता था।' (भाषा) 

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