जून में मुद्रास्फीति घटकर 5.43 प्रतिशत पर आई

भाषा|
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नई दिल्ली। खाद्य वस्तुओं व सब्जियों की कीमतों में गिरावट आने से जून में थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति घटकर 5.43 प्रतिशत पर आ गई जो मई में पांच महीने के उच्च स्तर 6.01 प्रतिशत पर पहुंच गई है। बावजूद इसके आलू, प्याज में तेजी बरकार है।


थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) मुद्रास्फीति के मुताबिक, समीक्षाधीन अवधि में सब्जियों की कीमतों में 5.89 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि इस दौरान आलू के दाम सालाना आधार पर 42.51 प्रतिशत और प्याज के दाम में 10.70 प्रतिशत ऊंचे रहे।

अन्य आवश्यक वस्तुओं में चीनी के भाव 2.09 प्रतिशत और खाद्य तेल में सालाना आधार पर 0.75 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इस दौरान सालाना आधार पर महंगी हुई वस्तुओं में फल (21.40 प्रतिशत), दूध (10.82 प्रतिशत), अंडा, मीट व मछली (10.27 प्रतिशत) और चावल के दाम (10.24 प्रतिशत) ऊंचे रहे।

खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति में सतत वृद्धि बरकार रही और यह मई में 8.14 प्रतिशत की ऊंचाई पर बनी रही।


सरकार ने प्याज और आलू जैसी सब्जियों के दाम पर नियंत्रण के उपाय किए हैं। पिछले महीने केंद्र ने प्याज पर 300 डॉलर प्रति टन और आलू पर 450 डॉलर प्रति टन का न्यूनतम निर्यात मूल्य लागू किया और इस महीने प्याज का न्यूनतम निर्यात मूल्य बढ़ाकर 500 डॉलर प्रति टन कर दिया।
इसके साथ ही इन दोनों वस्तुओं पर भंडारण सीमा लगा दी गई। खराब मानसून के चलते चावल के दामों में तेजी रोकने के लिए सरकार ने खुले बाजार में 50 लाख टन चावल जारी करने का निर्णय किया है।

आलोच्य माह में मोटे अनाज की मुद्रास्फीति घटकर 5.33 प्रतिशत पर आ गई, जबकि दालें 1.78 प्रतिशत महंगी हुईं।

गैर-खाद्य वस्तुओं के वर्ग में मुद्रास्फीति घटकर 3.49 प्रतिशत रही। अन्य वस्तुओं में ईंधन व बिजली की मुद्रास्फीति 9.04 प्रतिशत, जबकि पेय, तम्बाकू व तम्बाकू उत्पादों की मुद्रास्फीति बढ़कर 8.64 प्रतिशत रही।
विनिर्मित वर्ग में सूती कपड़ों की मुद्रास्फीति बढ़कर 8.31 प्रतिशत पहुंच गई, जबकि सिंथेटिक कपड़ों की मुद्रास्फीति 5.54 प्रतिशत रही।

अप्रैल माह की थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति को संशोधित कर 5.55 प्रतिशत किया गया है, जो पूर्व में 5.20 प्रतिशत बताई गई थी। (भाषा)



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