आम बजट 2014-15 के मुख्य बिन्दु...

नई दिल्ली| WD|
* एनआरआई को निवेश करने का आमंत्रण देंगे।
* जीएसटी लाने पर भी विचार हो रहा है।
* पेट्रोलियम पर सब्सिडी की समीक्षा होगी।
* विकास के लिए बड़ा फंड जरूरी।
* बीमा क्षेत्र में भी 49 फीसदी विदेशी निवेश का प्रस्ताव।
* विदेशी निवेश की शर्तों को आसान बनाएंगे।
* सरकारी बैंकों के शेयर बेचे जाएंगे।
* उम्मीद है कि निवेशक भारत के विकास में हिस्सा बनेंगे। * सरकारी घाटा 4.1 पर रखना सरकार के लिए बड़ी चुनौती।
* टैक्स सिस्टम आसान बनाया जाएगा।
* टैक्स विवाद सुलझाने के लिए सिस्टम सुधारने के लिए अथॉरिटी बनाएंगे।
* कई क्षेत्र में एफडीआई जरूरी।
* रक्षा क्षेत्र में उपकरण निर्माण के लिए एफडीआई 26 से बढ़ाकर 49 फीसदी करने का प्रस्ताव।* जीएसटी के लिए राज्यों से बात की जाएगी।
* बाजार में गिरावट, सेंसेक्स में बढ़त घटी।
* खर्च कम करने के लिए आयोग का गठन।
* पिछली सरकार ने हमारे लिए कड़ा लक्ष्य छोटा है।
* सरकार यूरिया नीति बनाएगी। सब्सिडी घटाएगी।
* पहले 45 दिन में सरकार से बहुत ज्यादा उम्मीद नहीं की जा सकती।* रेट्रोस्पेक्टिव प्रभाव से कोई नीति नहीं। अर्थात नीतियों का प्रभाव अब से आगे के लिए होगा। पूर्ववर्ती प्रभाव नहीं होगा।
* मौजूदा दौर में लोग परेशान। लोगों को विकास की उम्मीद।
* हमारा मंत्र सबका साथ, सबका विकास।
* विकास के लिए संसाधन जुटाएंगे।
* खर्च कम करने से सरकारी घाटा कम होगा। अगले तीन साल में वित्तीय घाटे को तीन फीसदी करना है। * यूं तो केन्द्र सरकार हिन्दी पर जोर देती है, लेकिन सरकार के वित्तमंत्री अंग्रेजी में बजट पेश कर रहे हैं
* सरकार की कोशिश रहेगी कि महंगाई दर कम हो।
* विकास बढ़े और महंगाई कम हो, इस पर सरकार का जोर।
* तीन साल सात से आठ फीसदी विकास दर की उम्मीद। तीन चार साल में विकास दिखेगा। * बजट पेश होने के बाद शेयर बाजार में बढ़त



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