ramcharitmanas

केतु यदि है 8th भाव में तो रखें ये 5 सावधानियां, करें ये 5 कार्य और जानिए भविष्य

Updated: शुक्रवार, 10 जुलाई 2020 (10:56 IST)
कुण्डली में राहु-केतु परस्पर 6 राशि और 180 अंश की दूरी पर दृष्टिगोचर होते हैं जो सामान्यतः आमने-सामने की राशियों में स्थित प्रतीत होते हैं। केतु का पक्का घर छठा है। केतु धनु में उच्च और मिथुन में नीच का होता है। कुछ विद्वान मंगल की राशि में वृश्चिक में इसे उच्च का मानते हैं। दरअसल, केतु मिथुन राशि का स्वामी है। 15ए अंश तक धनु और वृश्चिक राशि में उच्च का होता है। 15ए अंश तक मिथुन राशि में नीच का, सिंह राशि में मूल त्रिकोण का और मीन में स्वक्षेत्री होता है। वृष राशि में ही यह नीच का होता है। लाल किताब के अनुसार शुक्र शनि मिलकर उच्च के केतु और चंद्र शनि मिलकर नीच के केतु होते हैं। लेकिन यहां केतु के आठवें घर में होने या मंदा होने पर क्या सावधानी रखें, जानिए।
 
कैसा होगा जातक : मौत को भांप लेने वाला ‍कुत्ता। औलाद देरी से होगी। जीवन में छलावा हो सकता है। मंगल के घर में केतु का होना शुभ नहीं होता लेकिन यदि शुभ है तो जातक को चौंतीस साल की उम्र में अथवा जातक की बहन या पुत्री की शादी के बाद पुत्र की प्राप्ति होती है और यदि चंद्रमा दूसरे, बृहस्पति या मंगल छठवें या बारहवें घर में हों तो केतु अशुभ परिणाम नहीं देता।  
 
यदि इस भाव में केतु अशुभ होगा तो जातक की पत्नी बीमार रहेगी। पुत्र का जन्म नहीं होता, यदि होता है तो मृत्यु की संभावना है। जातक मधुमेह या मूत्ररोग से ग्रस्त होता है। छब्बीस साल की उम्र के बाद वैवाहिक जीवन में परेशानियां आती हैं। यदि शनि अथवा मंगल सातवें घर में हो तो जातक दुर्भाग्यशाली होता है। जातक का चरित्र पत्नी की सेहत पर निर्भर रहता है।
 
5 सावधानियां :
1. चरित्रवान बनें। चाल-चलन ठीक रखें।
2. उधार न दें।
3. गुप्तांगों की बीमारी से बचें।
4. पत्नी व संतान से संबंध बनाकर रखें और उनकी सेहत पर ध्यान दें।
5. किसी भी प्रकार का व्यसन न करें।
 
क्या करें : 
1. प्रतिदिन हनुमान चालीसा पढ़ें।
2. माथे पर केसर का तिलक लगाएं।
3. कान में सोना पहनें।
4. भगवान गणेश की पूजा करें।
5. काले व सफेद रंग का दोरंगी कंबल दान करें।
6. प्रतिदिन कुत्ते को रोटी खिलाते रहें।

लेखक के बारे में
अनिरुद्ध जोशी
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं। दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।.... और पढ़ें

Show comments

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 12 राशियों में किसकी चमकेगी किस्मत और किसे रहना होगा सावधान?

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश, 5 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन; धन-करियर में मिल सकता है बड़ा लाभ

सभी देखें

Mangala Gauri Vrat 2026: श्रावण मास 2026: मंगला गौरी व्रत का महत्व, पूजन विधि और मुहूर्त

पुष्य नक्षत्र में चमके देवगुरु: 5 राशियों की किस्मत में अचानक धन और तरक्की का योग

शुक्र का कन्या राशि में प्रवेश, मेष से मीन तक जानें 12 राशियों पर क्या होगा असर

शुक्र का उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में प्रवेश: जानिए मेष से मीन तक सभी 12 राशियों पर इसका प्रभाव

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (29 जुलाई, 2026)

अगला लेख