अगले पन्ने पर पढ़े ं, क्या कहते हैं इस संबंध में वैज्ञानिक...
अगले पन्ने पर पढ़ें, किस तरह धरती पर से होगा जीवन लुप्त...
क्या सचमुच सूर्य की आग में खाक हो जाएगी धरती...
अगले पन्ने पर धरती की आयु कैसे हो गई 7 करोड़ वर्ष कम... अब तक वैज्ञानिक यही मानते थे कि पृथ्वी की उत्पत्ति 4.537 अरब वर्ष पहले हुई थी, लेकिन नए अध्ययन में पृथ्वी की उम्र 7 करोड़ वर्ष कम होने का दावा किया गया है।
कैंब्रिज विश्वविद्यालय का यह शोध कुछ माह पूर्व नेचर जीओ साइंस पत्रिका में प्रकाशित हुआ है जिसमें पृथ्वी के उत्पत्ति काल को 7 करोड़ वर्ष कम बताया गया है। पृथ्वी पर गिरे प्राचीन उल्कापिंडों से प्राप्त डाटा से पृथ्वी की उत्पत्ति काल में इतने बड़े अंतर का पता लगा है।
वैज्ञानिक पृथ्वी के आवरण और उल्कापिंडों से मिली सूचनाओं के आधार पर तुलना कर इसका विश्लेषण करने में लगे हैं। अंतर मिलने पर वैज्ञानिकों ने सुझाया है कि इस ग्रह की उत्पत्ति की प्रक्रिया में पहले की मान्यता की अपेक्षा तीन गुना ज्यादा समय लगा है।
चंद्रमा से नमूने के तौर पर मिले नए डाटा के परिप्रेक्ष्य में यह सिद्धांत साबित हो गया है कि चंद्रमा पृथ्वी से टूटकर बना है। इस घटना पर व्यापक रूप से विश्वास किया गया कि पृथ्वी के विकास की प्रक्रिया का अब अंत हो गया है।
इस अध्ययन के पहले वैज्ञानिक मानते थे कि इसके गठन की प्रक्रिया में 3 करोड़ वर्ष का समय लगा, जो कि अपने दर से बढ़ी और इसकी निर्भरता कम हुई। लेकिन इस नए शोध ने सुझाया है कि यह प्रक्रिया 100 करोड़ साल का समय ले सकती है और इसके कंपन की गति भी बढ़ सकती है.
अंत में पढ़ें... धरती की कीमत कितनी है...? यह बहुत ही हैरान करने वाली बात है कि व्यावसायिक युग के चलते अब धरती की प्राइज भी तय की जाने लगी है। इसकी उम्र, इसके आकार के आधार पर इसकी कीमत तय की गई है। एक खगोल भौतिक विज्ञानी ने यह दावा किया है कि हमारी पृथ्वी की कीमत है करीब 30 हजार खरब पाउंड।
इस वैज्ञानिक ने एक ऐसा फॉर्मूला विकसित किया है जिससे पृथ्वी का मूल्य आंका जा सकता है। खगोल भौतिक विज्ञानी ग्रेग लौफलिन ने दावा किया है कि उनके पास ऐसा फॉर्मूला है जिससे कि धरती का मूल्य, आकार, उम्र, तापमान और जनसंख्या जैसे जरूरी आंकड़ों की गणना की जा सकती है। इस फॉर्मूले से पृथ्वी की कीमत 30 हजार खरब पाउंड बताई गई है।
दूसरी ओर ग्रेग ने मंगल ग्रह की कीमत मात्र 10 हजार पाउंड आंकी है। शुक्र ग्रह की कोई कीमत नहीं है।
( एजेंसियां)