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बाल गीत : पेड़ को है बंदगी

गुरुवार,मई 19, 2022
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टोप नहीं साहब के सिर पर, सिर नंगा है साहब का। नंगा सिर देखा तो देखा, सिर गंजा है साहब का।
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Poem on Jalebi करना नहीं बहाना बापू। आज जलेबी लाना बापू।। रोज सुबह कह कर जाते हैं, आज जलेबी ले आएंगे।
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Poem on Summer Vacation भोर हुई, दिन चढ़ा बांस भर, बजे नगाड़े गरमी के। गरमी है गरमी है की रट,दादा खूब लगाते। सभी लोग उनकी हां में हां... Summer poem
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Funny Poem घोड़े पर है आसमान में, मुन्नी रानी बड़ी शान में। गुड्डी ने गुड्डे को कूका, बड़ी जोर से दिया कान में। मम्मी बहुत ध्यान रखती हैं...
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नदी नाचती रेत उछलती, पानी झर-झर गाता है। एक बुलबुला बहते-बहते,बन-बन कर मिट जाता है।
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इसको कहते लोग समोसा, उसको कहते लोग कचौड़ी। लेकिन जिसमें मजा बहुत है, वह कहलाती गरम पकौड़ी।
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बचपन गीत सुनाता चल। हंसता और मुस्कुराता चल। मिले राह में जो निर्मल, उनको गले लगाता चल। जीवन कांटों का जंगल,
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Ram Navami Poem राम नवमी पर भगवान श्री राम को समर्पित कविता- राम जन्म जिस नवमी होता, उस नवमी की महिमा अद्भुत, सृष्टि भी होती मतवाली, दिन में होली रात दिवाली।
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शीत ऋतु की हो रही है बिदाई, ग्रीष्म ऋतु की आहट है आई, सूरज की किरणों ने उष्णता है दिखलाई देखो-देखो होली है आई।
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Holi Poem in Hindi पिचकारी रे पिचकारी रे, कितनी प्यारी पिचकारी। छुपकर रहती रोजाना, होली पर आ जाती है,
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एक वर्ष में होली आई। जी भर खेलो खाओ मिठाई।। ध्यान लगाकर सुनो-पढ़ो। नए-नए सोपान चढ़ो।।
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रंगों के पर्व होली पर पढ़ें मजेदार हिन्दी कविता। चलो मनाएं आज हम होली, सबको दिखाएं रंगों की बोली...
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पूरब की खिड़की से झांका, नन्हा बालक भोला भाला। अरे-अरे यह तो सूरज है, आया ओढ़े लाल दुशाला।
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रोटी कहां छुपाई, लगे देखने टेलीविजन, चूहे घर के सारे। देख रोटियां परदे पर, उछले खुशियों के मारे।
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दस मंजिल से नीचे आती, मम्मी के संग लिफ्ट में। सुबह-सुबह ही शाला जाती, मैं तो पहली शिफ्ट में।
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आज तीस तारीख है, पुण्यतिथि महान गुरु की, वो अच्छे आदमी थे, कहीं पढ़ा था, वे अहिंसा के गुरु, आजादी के गुरु, सच्चाई के मापदंड, अच्छाई के प्रतिबिम्ब।
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26 जनवरी (26 January), गणतंत्र दिवस (gantantra diwas 2022) पर पढ़ें बच्चों के लिए 5 सरल कविताएं...
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थाली में है रोली-कुमकुम, पीला चंदन है। करें तिरंगे की पूजा, शत-शत अभिनंदन है।। गंगा के पानी से अब तक, श्रद्धा नाता है। विंध्य, हिमालय, अरावली अब भी मुस्कराता है।।
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रोने में कुछ नहीं फायदा, हंसना बहुत जरूरी है। लोग क्यों नहीं हंस पाते हैं, ऐसी क्या मजबूरी है।
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