0

चूहा और बिल्ली पर चटपटी कविता : चूहे क्यों न बिकते

गुरुवार,फ़रवरी 20, 2020
Cat and Rat Poem
0
1
परीक्षा के होते हैं, कितने ही रूप-रंग। कभी लिखित कभी मौखिक, तो कभी प्रकृति के संग।
1
2
शीत लहर के पंछी आ गए, रुई के पंखे लगा-लगा कर। चारों तरफ धुंध दिन में भी, कुछ भी पड़ता नहीं दिखाई।
2
3
कड़क ठंड है कहीं न जाएं। घर में रहकर मौज मनाएं। सूरज जब हड़ताल पर बैठा, पाएं न हम भी क्यों छुट्टी।
3
4

बाल कविता : समय का मूल्य

बुधवार,फ़रवरी 12, 2020
रोज सुबह तड़के उठकर अब, सैर-सपाटे करना है। बड़े लगन से मेहनत करके,
4
4
5
न से नफरत झ से झगड़ा कभी न पढ़ना भाई।
5
6
मुन्ना हंसता मुन्नी हंसती, रोज लगाते खूब ठहाके। लगता खुशियों के सरवर में, अभी आए हैं नहा-नहाके।
6
7
रज्जो ने सज्जो के दोनों, सज्जो ने रज्जो के दोनों, पकड़े कान।
7
8
दीना इस कक्षा में पहली श्रेणी तो लेकर ही आए, साथ में नेक कर्म से अपने वो तो सबका आदर पाए।
8
8
9
ऋतु आई है फिर बसंत की। हवा हंस रही दिक दिगंत की। सरसों के पीले फूलों ने, मटक-मटक कर शीश हिलाएं।
9
10
शेर सिंह को ठंड लगी तो, लाए एक रजाई। ओढ़ तानकर खूब सोए वे,
10
11
दाढ़ी के डिब्बे से बंदर, भाग गया लेकर सामान। दाढ़ी उसकी बहुत बड़ी है, अभी-अभी आया है ध्यान।
11
12
सूपा लेकर भागे फूफा, फुप्पी हो गईं गुस्सा। दौड़ी फूफाजी के पीछे,
12
13
कौआ बोला कांव-कांव जी बार-बार बस कांव-कांव जी। बोली मुन्नी, छत पर चलना, मुझे अभी कौए से मिलना।
13
14
New Year 2020 Poem- स्वागत को तैयार रहो तुम। मै जल्द ही आने वाला हूं। बारह महीने साथ रहूंगा। खुशियां भी लाने वाला हूं।
14
15
नववर्ष पर कविता- दीवारों पर लगेंगे। नए कैलेंडर। पुराने हटाएं जाएंगे।
15
16
स्कूल जाते बच्चों की मां, उठ जाती है बड़ा पछिलहरा में, कर देती है बच्चों का टिफिन तैयार , उन्हें नहा-धुला और दुलार कर बिठा देती हैं उन्हें बस रिक्शे और ठेले पर
16
17
खाली नहीं बैठना हमको, कुछ न कुछ करते रहना है। गरमी की छुट्टी में रम्मू, प्यारे-प्यारे चित्र बनाता। उन्हें बेचकर मजे-मजे से, रुपए रोज कमाकर लाता। इन रुपयों से निर्धन बच्चों, की उसको सेवा करना है।
17
18
पप्पू सोया देखा सपना, जो सोचा वह हो जाने दो। नियमों में कर दो फेरबदल, बच्चा सरकार बनाने दो।
18
19
लाल बहादुर शास्त्री पर कविता- जीवन के सूखे मरुथल में, झेले ये झंझावात कई। जितनी बाधा, कंटक आते, उनसे वे पाते, शक्ति नई।
19