biodatamaker

कविता : बरखा रानी आती है

Updated: शुक्रवार, 8 जून 2018 (16:31 IST)
जब-जब पानी आता है,
पत्ते, फूल खिलाता है।
बरखा रानी आती है,
रिमझिम पानी लाती है।।
 
पानी आता झर-झर,
बादल गरजते गर-गर-गर।
बिजली रानी चमकती है,
लगता अच्‍छा नभ मंडल।। 
 
कभी आता ज्यादा पानी,
कभी आता पानी कम।
कभी कहीं पर बाढ़ बोलती,
कभी बोलता सूखापन।।
 
- गार्गी जमड़ा
साभार - देवपुत्र

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

असली पनीर और Analog Paneer में क्या है फर्क? खरीदने से पहले ऐसे करें पहचान

लोकतंत्र की पहली पाठशाला: छात्रसंघ चुनावों की वापसी क्यों जरूरी? जानें युवाओं की बड़ी जिम्मेदारी

गरीबी चुराने कोई नहीं आता!

9 अगस्त विश्व आदिवासी दिवस: जानिए इतिहास और इसका महत्व

15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस पर निबंध: जानें भारत की आजादी का इतिहास और महत्व

अगला लेख