Daily Horoscope
✕

दीपावली पर कविता : आ जाओ...

Updated: गुरुवार, 27 अक्टूबर 2016 (12:32 IST)
मेरे मन का दीप जलाने आ जाओ,
जीवन की बगिया महकाने आ जाओ।
 

 
परिभाषाएं प्रेम की विस्तृत कर दो तुम,
जीवन को मधुमास बनाने आ जाओ।
 
साथ हमारा जिस पल छोड़ा था तुमने,
उस पल का विन्यास सजाने आ जाओ।
 
जीवन ठहरा ठहरा-सा अब लगता है,
सरिता-सी निर्मल बहने आ जाओ।
 
रीता-सा बीता है एक-एक पल मेरा,
मन को सतरंगी-सा रंगने आ जाओ।
 
आपाधापी में ही पूरा जीवन गुजर गया,
अब तो जीवन को ठहराने आ जाओ।
 
लेखक के बारे में
सुशील कुमार शर्मा
वरिष्ठ अध्यापक, गाडरवारा.... और पढ़ें
Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

मूर्खता भी बन सकती है कृत्रिम बुद्धिमत्ता, AI पर क्यों आमने-सामने हैं अमेरिका और चीन

कब मनाया जाएगा आचार्य विद्यासागर का जन्‍मोत्‍सव, जानिए उनके जीवन से जुड़ी खास बातें...

कौन थे महर्षि वाल्मीकि? कब मनाई जाएगी उनकी जयंती? जानिए उनके बारे में रोचक बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शक्ति और सामर्थ्य से सार्थक हो रहा है भारत

विश्वास टूटता कहां है और बनता कैसे है?

अगला लेख