Hanuman Chalisa
✕

पिता पर कविता : संडे जल्दी से आ जाओ, पापा से पूरे दिन मिलाओ

Updated: शुक्रवार, 17 जून 2022 (15:31 IST)
poem on father 
 
fathers day poem : पिता पर कविता
 
मैं एक छोटा बच्चा हूं

मेरे प्यारे पापा हैं
मेरी प्यारी मम्मा है
 
जब मैं आंखें खोलता हूं
पापा को घर में नहीं पाता हूं
 
मम्मी धीरे से समझाती
पापा ऑफिस चले गए
 
जब तक मैं जगता हूं
पापा वापस घर नहीं आते हैं
 
मेरे सो जाने पर
पापा थके-मांदे आ जाते हैं
 
फिर धीरे से पप्पी ले
सोने चले जाते हैं
 
न वो पिज्जा हट ले जाते हैं
न वो बर्गर खिलाते हैं
 
वीडियो गेम की कौन कहे
घुम्मी भी नहीं ले जाते हैं
 
मैं मम्मा से पूछता हूं
पापा कब मेरे संग खेलेंगे
 
मम्मा धीरे से समझाती
वो तो संडे को मिल पाएंगे
 
मैं धीरे से कहता हूं
ये पापा संडे वाले हैं
 
संडे जल्दी से आ जाओ
पापा से पूरे दिन मिलाओ
 
पिज्जा हट और मैकडोनल में
पूरे दिन पापा के साथ बिताओ। 
लेखक के बारे में
राकेशधर द्विवेदी

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

सबके लिए समय है... फिर अपने सपनों के लिए क्यों नहीं?

कब मनाया जाएगा विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस? जानें कब हुई इसकी शुरुआत और क्‍या है उद्देश्‍य?

Maharaja Agrasen Jayanti: कौन थे महाराजा अग्रसेन? 5000 साल पहले दी थी ऐसी न्यायनीति, जानकर रह जाएंगे हैरान

World Sight Day: क्‍यों मनाते हैं विश्व दृष्टि दिवस? जानिए इसका महत्‍व और इतिहास

क्यों मनाया जाता है भारतीय वायुसेना दिवस? जानें दुनिया की चौथी सबसे बड़ी ताकत का इतिहास

अगला लेख